हैदराबाद : मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव के लिए हेलीपैड निर्माण हेतु करीमनगर जिले के तीगलगुट्टा गांव के सर्वे नंबर 232 की भूमि अधिग्रहण करने संबंधी अधिसूचना को चुनौती देते हुए हैदराबाद उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर हुई है। सिरिसिला निवासी पी.प्रतिमा सहित 4 अन्य लोगों ने यह याचिका दायर की है।

याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि उनकी जमीन की तीन तरफ मुख्यमंत्री व उनके रिश्तेदारों की जमीन है। ऐसे में सीएम और उनके रिश्तेदारों की जमीनें छोड़कर केवल उन्हीं की जमीन के अधिग्रहण का फैसला किया गया है।

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याचिका स्वीकारने के बाद उच्च न्यायालय ने राजस्व विभाग के प्रधान सचिव, सड़क एवं भवन निर्माण विभाग के प्रधान सचिव, गृह मंत्रालय के मुख्य सचिव करीमनगर जिलाधीश, पुलिस आयुक्त और आरडीओ को नोटिस जारी किया है। साथ ही हाईकोर्ट ने इस मामले में पूर्ण ब्योरा के साथ जवाबी रिपोर्ट पेश करने का भी आदेश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 4 सप्ताह के लिए टाल दी गई है।

याचिकाकर्ताओँ ने याचिका में आरोप लगाया कि उनकी भूमि का अधिग्रहण 2013 के भू अधिग्रहण अधिनियम के विरुद्ध है। इतना ही नहीं, जमीन में बोई गई फसल को भी अधिकारियों ने नष्ट कर दिया है।

याचिकाकर्ताओं का कहना है कि उनकी जमीन का अधिग्रहण जनहित में नहीं बल्कि सीएम के निजी स्वार्थ के लिए किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि उनकी जमीन के बगल में मुख्यमंत्री के रिश्तेदारों की जमीन होने के बावजूद उसे छोड़कर गैर कानून के ढंग से उनकी जमीन का अधिग्रहण किया गया है, जबकि ऐसा करना भूमि अधिग्रहण कानून 2013 के खिलाफ है।