हैदराबाद : इंडियन जर्नलिस्ट युनियन (आईजेयु) ने सीबीआई की एक अदालत द्वारा 2002 में पत्रकार राम चंद्र छत्रपति की हुई हत्या के मामले में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को दोषी करार दिये जाने का स्वागत किया है। आईजेयु के अध्यक्ष देवुलपल्ली अमर और महासचिव सबीना इंदरजीत ने जारी एक बयान में कहा कि गुरमीत को दोषी करार दिये जाने से पीड़ित और पत्रकार समाज को न्याय मिला है।

बयान में आगे कहा है कि वर्ष 2003 में डेरा सच्चा सौदा में साध्वियों के साथ लैंगिक प्रताड़ना की जा रही है। इस बात जानकारी एक साध्वी ने शिकायत की थी। इसी शिकायत को पत्रकार छत्रपति ने अपने 'पूछ सच' अखबार में समाचार प्रकाशित किया था।

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इसी क्रम में 24 अक्तूबर 2002 में छत्रपति की उसके निवास पर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने इस घटना का मामला दर्ज किया। वर्ष 2006 में इस मामले को सीबीआई को सौंप दिया गया। 12 साल की लंबी सुनवाई के बाद राम रहीम और तीन अन्य को दोषी करार दिया है।

आपको बता दें कि सीबीआई की एक अदालत ने 2002 में पत्रकार राम चंद्र छत्रपति की हुई हत्या के मामले में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह और तीन अन्य को शुक्रवार को दोषी करार दिया। उन्हें 17 जनवरी को सजा सुनाई जाएगी।

विशेष सीबीआई न्यायाधीश जगदीप सिंह ने यहां डेरा प्रमुख और तीन अन्य को इस मामले में दोषी ठहराया। सीबीआई के वकील एचपीएस वर्मा ने पीटीआई भाषा को बताया, ‘‘सभी चार आरोपियों को दोषी ठहराया गया है।''

इस मामले में 17 जनवरी को सजा सुनाई जाएगी। तीन अन्य आरोपियों में कुलदीप सिंह, निर्मल सिंह और कृष्ण लाल शामिल हैं। गुरमीत (51) रोहतक की सुरनिया जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश हुआ।

वह अपनी दो अनुयायियों से बलात्कार करने के मामले में फिलहाल 20 साल की कैद की सजा काट रहा है। गौरतलब है कि वर्ष 2002 में छत्रपति की उनके आवास के बाहर गोली मार कर हत्या कर दी गई थी।

दरअसल, उनके अखबार 'पूरा सच' ने एक पत्र प्रकाशित किया था, जिसमें इस बात का जिक्र किया गया था कि सिरसा स्थित डेरा मुख्यालय में गुरमीत किस तरह से महिलाओं का यौन उत्पीड़न करता था। यह मामला 2003 में दर्ज किया गया था और इसे 2006 में सीबीआई को सौंपा गया था। मामले में गुरमीत को मुख्य षडयंत्रकर्ता नामजद किया गया था।