हैदराबाद : भेड़ पालन और मांसाहार के उपयोग में तेलंगाना पहले नंबर हासिल किया है। गत 31 दिसंबर में समाप्त राष्ट्रीय पशु गणना में इस बात का खुलासा हुआ है। भेड़ पालन में तेलंगाना पहले स्थान पर है। इसके बाद राजस्थान, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र का स्थान आता है।

वर्ष 2017 में तेलंगाना में एक करोड़ भेड़ें थी। तेलंगाना सरकार ने 'गोल्लाकुरमा' समूह को 74 लाख भेड़ियों को फ्री में बांटा। इन भेड़यों को 55 लाख बच्चे हो गये। इसके चलते यह संख्या बढ़कर 1.28 करोड़ हो गये। बाजार में इन भेड़ियों की कीमत लगभग 2,500 करोड़ रुपये हो गई। इस समय तेलंगाना में 2.24 करोड़ भेड़ हैं।

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मांस उत्पादन बड़ा

तेलंगाना में केवल भेड़ उत्पादन ही नहीं बढ़ा, बल्कि मांस का उत्पादन भी अधिक हुआ है। हर साल प्रदेश में औसतन 26,839 मेट्रिक टन मांस का उत्पादन हो रहा है।

देश में मांसाहार लेनेवाले में औसतन हर साल 7.5 किलोग्राम रहा है। तेलंगाना में 97 प्रतिशत लोग मांसाहार लेते है। इसके बाद आंध्र प्रदेश 7.2 किलो, तमिलनाडु 6.5 किलो, कर्नाटक 6 किलो और केरल 5.5 किलोग्राम मांसाहार लेते है। इस प्रकार मांसाहार लेने में भी तेलंगाना भी पहले स्थान पर है।