हैदराबाद : तेलंगाना विधानसभा चुनाव के नतीजे 11 दिसंबर को आने वाले हैं और टीआरएस प्रमुख व तेलंगाना के कार्यवाहक मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव के फिर से सत्ता पर काबिज होने की पूरी संभावनाएं जताई जा रही हैं। अब देखना होगा कि विपक्षियों की चुनौतियों का सामना करते हुए चंद्रशेखर राव किस तरह सत्ता में वापसी करेंगे। गौरतलब है कि कांग्रेस, टीडीपी और वामपंथी दलों सहित छोटी-छोटी पार्टियों ने मिलकर केसीआर के खिलाफ प्रजाकूटमी (गठबंधन) खड़ा किया है।

वास्तु और जोतिषशास्त्र में विश्वास रखने वाले केसीआर की कुंडली में उनके सितारे इस वक्त इतने मजबूत बताए जाते हैं कि उनके सामने किसी भी गठबंधन का टिकना संभव नहीं है और कोई उनकी जीत को रोक नहीं सकता।

10 फरवरी 1954 को सुबह 10.30 बजे एकीकृत आंध्र प्रदेश के सिद्दीपेट जिले में जन्मे केसीआर की मेष लग्न की कुंडली के मुताबिक राजयोग और उन्माद योग ने उन्हें हमेशा जूझने वाले नेता बनाया रखता है। केसीआर की कुंडली में चल रही राहु में शुक्र की जोरदार दशा उनके दोबारा सत्ता में लौटने के साफ संकेत दे रहे हैं।

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स्थान परिवर्तन राजयोग केसीआर की लोकप्रियता में कमी आने के कोई संकेत नहीं दे रहा है। यह भी हो सकता है कि यदि विधानसभा चुनाव में भारी जीत के बाद केसीआर केंद्र की राजनीति में प्रवेश कर 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद भाजपा के नेतृत्व वाली गठबंधन में शामिल हो जाए।

आपको बता दें 2 सितंबर 2009 को आंध्रप्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. वाईएस राजशेखर रेड्डी की हेलीकाप्टर दुर्घटना में मृत्यु के बाद राज्य में व्याप्त राजनीतिक अस्थिरता का फायदा उठाते हुए केसीआर ने पृथक तेलंगाना राज्य की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठ गए और अपनी मांग पूरी होने के बाद ही उन्होंने अपना अनशन तोड़ा था।