हैदराबाद : दो महीने से अधिक समय तक नेताओं के चुनाव प्रचार से गूंज उठा तेलंगाना आज शाम 5 बजे चुनाव का शोर थम गया। 119 निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव मैदान में उतरे 1,821 उम्मीदवारों का भविष्य राज्यभर के 2 करोड़ 80 लाख, 64 हजार मतदाता अपने फैसले के साथ तय करने वाले हैं।

कल्याणकारी योजनाएं और विकास को ही अपना चुनावी मुद्दा बनाकर जहां सत्तारूढ़ टीआरएस मैदान में उतरी है, वहीं केसीआर को सत्ता से बेदखल करने को लक्ष्य बनाकर कांग्रेस नेतृत्व में महाकूटमी ने प्रचार किया। टीआरएस प्रमुख केसीआर ने गजवेल से ही प्रचार शुरू कर वहीं खत्म किया, जबकि महाकूटमी ने अपना प्रचार आलमपुर में शुरू कर कोदाड़ जनसभा के साथ खत्म किया।

प्रचार का दौरा खत्म होने के साथ ही चुनाव आयोग का निषेध अमल आ गया है। राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी रजत कुमार ने बताया कि चुनाव नियमों का उल्लंघन करने पर दो साल की जेल या भारी जुर्माना या दोनों लगाने की संभावना है। उन्होंने कहा कि आज के बाद चुनावी सभाएं, चुनावी रैली, सिनेमा और टीवी के माध्यम से प्रचार करना, मोबाइल द्वारा चुनावी संदेश भेजना, ओपिनियन सर्वे का खुलासा करने प्रतिबंधित है।

माओवादी प्रभावित 13 निर्वाचन क्षेत्रों, सिर्पूर, चेन्नूर (एससी). बेल्लमपल्ली (एससी), मंचिर्याल, आसिफाबाद (एससी), मंथनी, भूपालपल्ली, मुलुगु (एससी), पिनपाका (एसटी), इल्लंदु (एसटी), कोत्तागुड़ेम, अश्वारावपेट (एसटी), भद्राचलम (एसटी) में एक घंटे पहले ही निषेध लगा दिया गया है।

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मतदान केंद्रों के आस-पास के क्षेत्रों में मनोरंजन से संबंधित कार्यक्रमों कभी किसी तरह की अनुमति नहीं है। मुख्य चुनाव अधिकारी ने सभी जिला अधिकारियों को जन प्रतिनिधित्व कानून, 1951 की धारा 126 के तहत इन नियमों पर सख्ती से अमल करने के आदेश दिया है।