हैदराबाद : ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) और तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के बीच क्या दूरियां बढ़ने लगी है? क्या अब ये दोनों पार्टियां आगे मिलकर चुनाव नहीं लड़ेंगे? इन सवालों का जवाब हां में मिल रहा है।

आपको बता दें कि शीघ्र होने वाले मुंसीपल चुनाव में टीआरएस और एआईएमआईएम अलग-अलग चुनाव लड़ रही है। तेलंगाना गठन के बाद से कुछ अपवाद छोड़कर एमआईएम अब तक टीआरएस के साथ मिलकर चुनाव लड़ते आ रहे थे।

मगर इस बार मुंसीपल चुनाव में अलग-अलग चुनाव लड़ रहे हैं। फिर भी दोनों पार्टियों में दूरी पर किसी को संदेह नहीं हुआ। मगर सोमवार को एमआईएम के विधायक अकबरुद्दीन ओवैसी ने 'कार' के टायर निकाल दिये जाने की चेतावनी दी है। इसके चलते राजनीति गलियारों में दोनो पार्टियों के बीच दूरी होने के संकेत मिले हैं।

अकबरुद्दीन ने यह चेतावनी विकाबाद जिले के तांडूर मुंसीपल चुनाव प्रचार रैली में दी। उन्होंने टीआरएस को चेतावनी देते हुए कहा कि केंद्र सरकार चलाने वाले चाय बेचने वालों को हमने नहीं बख्शा है। यदि टीआरएस के नेता हमारी आलोचन करते है तो कार के टायर निकाल दिये जाएंगे।

विधायक ने आगे कहा एआईएमआईएम केवल मुस्लिमों की पार्टी ही नहीं है। बल्कि एमआईएम सभी वर्गों की पार्टी है। उनकी पार्टी सभी वर्गों के हितों के लिए काम करेगी। राष्ट्रीय नागरिक पंजीकरण (एनआरसी), राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) और नागरिक संशोधन अधिनियम (सीएए) के लागू होने से केवल मुस्लिम समुदाय को ही बल्कि हिंदू, सीख, ईसाई और अन्य लोगों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। हम पहले से ही राष्ट्रीय नागरिक पंजीकरण (एनआरसी), राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) और नागरिक संशोधन अधिनियम (सीएए) विरोध में संघर्ष कर रहे हैं।

उन्होंने चेतावनी दी कि टीआरएस के दिन अब नजदीक आ रहे हैं। विधायक ने एमआईएम को केवल पुरानी पुराने शहर की पार्टी कहने वाले मंत्री तलसानी श्रीनिवास यादव को संबोधित करते हुए कहा कि सिकंदराबाद निर्वाचन क्षेत्र से अपने बेटे को चुनाव नहीं जीता पाने वाले एक असर्थ नेता है। इस चुनाव प्रचार रैली में एमआईएम के तांडूर शहर अध्यक्ष अब्दुल हादी शहेरी और अन्य नेताओें ने भाग लिया।