हैदराबाद : आरटीसी जेएसी संयोजक अश्वत्थामा रेड्डी ने कहा कि तेलंगाना आंदोलन ने भी इस तरह की भ्रष्टता और दुष्टता नहीं देखी थी।

उन्होंने कहा कि सोमवार को आरटीसी की हड़ताल और राज्य की स्थिति पर राज्यपाल तमिलिसाई को ज्ञापन सौंपा। राज्यपाल से मिलने के बाद आरटीसी जेएसी के नेताओं ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य के मंत्री हर दिन एक नई बात कह कर कर्मचारियों को भड़का रहे हैं।

अश्वत्थामा रेड्डी ने कहा कि लड़कर जिस तेलंगाना को हासिल किया आज उसमें हम स्वतंत्र नहीं रह गए। राज्य में जो आरटीसी कर्मचारी द्वारा दहनकांड किया गया उसके बारे में राज्यपाल को जानकारी दी और इस बारे में उनका जवाब सकारात्मक रहा।

अश्वत्थामा रेड्डी ने कहा कि TNGU के अध्यक्ष कारम रवींदर रेड्डी की टिप्पणियां अनुचित थी। उन्होंने यह भी कहा कि केके को मध्यस्थता करके जेएसी नेताओं को चर्चा का निमंत्रण देना चाहिए।

हम कर्मचारी संघ के नेताओं का मुख्यमंत्री केसीआर के मिलने को गलत नहीं कहते। हमने भी कर्मचारी संघ से कल मिलना चाहा पर ड्राईवर श्रीनिवास रेड्डी के निधन के चलते यह नहीं हो पाया। उन्होंने बताया कि जल्द ही कर्मचारी संघ के नेताओं से मिलेंगे।

अश्वत्थामा रेड्डी ने साफ किया कि तेलंगाना के आंदोलन से ही आरटीसी का जन्म हुआ है और इसका किसी राजनेता से किसी तरहा का कोई सौदा नहीं हुआ है।

आरटीसी जेएसी के सह-संयोजक राजी रेड्डी ने कहा कि मंत्रियों के भड़काने और डराने से ही कर्मचारी आत्महत्या जैसा भयावह कदम उठा रहे हैं। साथ ही उन्होंने कर्मचारियों से आग्रह किया कि वे धैर्य रखें और ऐसे कदम न उठाए।

राजी रेड्डी ने कहा कि अगर सरकार उन्हें चर्चा के लिए बुलाए तो वे तैयार है। उन्होंने कहा कि केके के लिखे पत्र पर भी वे खुले मन से चर्चा के लिए तैयार हैं।

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वहीं दूसरी ओर टीआरएस सांसद के केशवराव दिल्ली से हैदराबाद के लिए रवाना हो चुके हैं। यहां आने पर वे आरटीसी कर्मचारी संघ के नेताओं व वामदल के नेताओं से मिलकर चर्चा करेंगे।

मीडिया में आई खबरों के अनुसार केके का कहना है कि कर्मचारियों को हड़ताल समाप्त करके चर्चा के लिए आगे आना चाहिए।

अब तक जहां सरकार आरटीसी से बात न करने की बात कर रही थी वहीं केके की मध्यस्थता के चलते सरकार के रुख में नरमी देखी जा रही है।

केके ने कहा कि कर्मचारियों की आत्महत्या से मुझे काफी दुख पहुंचा है और अब मध्यस्थता करके इस समस्या का हल निकालना चाहता हूं।