हैदराबाद : राज्यपाल ईएसएल नरसिम्हन ने तेलंगाना सरकार के नये नगर पालिका विधेयक पर आपत्ति व्यक्ति है। इस तरह टीआरएस सरकार को पहली बार राज भवन से झटका लगा है।

विधानसभा और विधान परिषद के विशेष सत्र में राज्य सरकार द्वारा पेश किए गए नगर पालिका विधेयक को पारित करवाकर स्वीकृति हेतु राजभवन भेजा गया था। मगर इस विधेयक में उल्लेखित कुछ अंशों के प्रति राज्यपाल ईएसएल नरसिम्हन ने कड़ी आपत्ति व्यक्त की हैं। उन्होंने बिना संसोधन किये विधेयक को वापस भिजवा दिया।

विधानसभा और विधान परिषद के विशेष सत्र में अनुमोदन प्राप्त होने के दूसरे दिन से ही राज्यपाल के हस्ताक्षर होने के बाद इसे कानून के रूप में अमल होना था। चुनाव कराने के लिए राज्य चुनाव आयोग की तुलना में राज्य सरकार के पास ही पूर्ण अधिकार रहने पर राज्यपाल ने कड़ी आपत्ति प्रकट की।

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साथ ही संबंधित विधेयक में संबंधी विधेयक में कुछ अंशों को सुधार करने के लिए भी राज्यपाल ने सरकार को सूचना दी है। इन सूचनाओं के आधार पर राज्य सरकार ने अध्यादेश जारी किया। बताया गया है कि जनप्रतिनिधियों को पदों से हटा कर उनके अधिकार जिलाधीश को दिए जाने के प्रति राज्यपाल ने आपत्ति प्रकट की और कहा कि यह संविधान का उल्लंघन होगा।

हरीतहारम के अंतर्गत रोपित पौधों में से यदि 85 पौधे जीवित नहीं रह पाए तो वार्ड के सदस्यों को पद से हटाए जाने के निर्णय पर राज्यपाल ने आपत्ति प्रकट की है। राज्यपाल द्वारा विधानसभा और विधान परिषद को प्रोरॉग करने पर सरकार ने राज्यपाल द्वारा दी गई सूचनाओं के आधार पर अध्यादेश जारी किया है।

बीजेपी

दूसरी ओर दोनों सदनों में पारित करवाकर नगरपालिका विधेयक को राज्यपाल द्वारा लौटाए जाने पर पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता बंडारू दत्तात्रेय ने केसीआर सरकार पर जमकर हमला बोला।

उन्होंने इसे लोकतंत्र की जीत बताया है। उन्होंने कहा कि संविधान का उल्लंघन और लोकतंत्र का अपमान करते हुए केसीआर की सरकार ने नगरपालिका विधेयक को तैयार किया है। इसमें कहीं तरह की खामियां होने की विपक्ष ने आपत्ति जताई है। मगर संख्या बल के अहंकार में डूबे सत्तापक्ष ने अनसुनी करते के दोनों सदनों में विधायक को पारित करवाया।

राज्यपाल के फैसले का स्वागत करते हुए भंडार दत्तात्रेय ने कहा कि संविधान के संरक्षण के रूप में राज्यपाल को वापस भेजने का उचित फैसला लिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री सवाल किया कि नगर पालिका कानून संशोधन विधेयक को पेश करने के पीछे उनका मकसद क्या है?

कांग्रेस

इसी क्रम में कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव और पूर्व राज्यसभा सदस्य वी हनुमंत राव और संपत कुमार ने राज्यपाल द्वारा नगरपालिका कानून संशोधन विधेयक को लौटाए जाने को टीआरएस सरकार के मुंह पर थप्पड़ बताया। नेताओं ने कहा कि राज्यपाल के निर्णय का स्वागत करते हैं।