हैदराबाद : नया विधानसभा भवन और सचिवालय के निर्माण के विरोध में सभी विपक्षी दल एक हुए है। नेताओं की राय है कि सचिवालय और विधानसभा काफी मजबूत है। उनका मानना है कि गिराने और नया बनवाने की कोई आवश्यकता नहीं है।

पूर्व सांसद जी विवेक के नेतृत्व में रविवार को गोलमेज बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में तेलंगाना कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष उत्तम कुमार रेड्डी, तेलंगाना जन सेना समिति के अध्यक्ष प्रो कोदंडराम, बीजेपी अध्यक्ष डॉ के लक्ष्मण, तेलंगाना टीडीपी के रमणा, बीसी कल्याण संघ के अध्यक्ष आर कृष्णय्या और नेताओं ने भाग लिया।

इस अवसर पर नेताओँ ने कहा कि वर्तमान सचिवालय और विधानसभा के भवन काफी मजबूत है और यह कई दशकों से अच्छी तरह से काम कर रहे हैं और आगे भी काम आएंगे। इस बात को ध्यान में रखते हुए वर्तमान सचिवालय को गिराया जाना ठीक नहीं है और न ही नए सचिवालय बनाने की कोई जरूरत नहीं है।

नेताओं ने आगे कहा कि हम पहले से ही नहीं सचिवालय और विधानसभा के निर्माण करने के सरकार फैसला का विरोध कर रही है। क्योंकि इसके निर्माण से करोड़ों रुपए बर्बाद होगा। उन्होंने कहा कि विधानसभा के बारे में अच्छी तरह से जानते हैं। अन्य राज्यों के विधानसभा भवनों को भी उन्होंने देखा है। सच में देखा जाए तो राज्य विधानसभा सत्रों के आयोजन के लिए काफी अनुकूल है। इसमें कई प्रकार की सुविधाएं हैं।

इससे पहले विधानसभा में 294 विधायक बैठते थे। राज्य के विभाजन के बाद अब तेलंगाना के लिए भवन काफी अनुकूल है। इस प्रका से सोचा जाये तो नई विधानसभा भवन के निर्माण करने का फैसला ही गलत है।

नेताओं ने सवाल किया कि सरकार ने अब तक किराये जाने के कारणों को नहीं बताया है। उन्होंने कहा कि सचिवालय में जितने भी ब्लाक है वे सभी काफी मजबूत है। सचिवालय के सभी ब्लॉक अगले 60-70 साल तक अच्छी तरह से काम आएंगे।

नेताओं ने आरोप लगाया है कि केसीआर की फैसले बदलने की आदत है। उन्होंने पिछले दिनों में विधानसभा के सामने से मेट्रो रेल मार्ग के निर्माण का कड़ा विरोध किया और सीएम बनने के बाद अपने निर्णय को बदल दिया। उन्होंने याद दिलाया कि बैसान पोलो मैदान में सचिवालय निर्माण करने के प्रस्ताव लाने पर केसीआर ने कुछ और कहानी सुनाई थी।

नेताओं ने सचिवालय और विधानसभा के नाम पर बड़े पैमाने पर धन का दुरुपयोग होने से रोकने के लिए न्यायालय को हस्तक्षेप करने का आग्रह किया। साथ ही नये सचिवालय और विधानसभा का निर्माण करने संबंधी सरकार के फैसले के खिलाफ जनता में जागरूकता लाने के लिए आगे आने का आह्वान किया।

दूसरी ओर पेद्दापल्ली विधायक बाल्का सुमन ने कहा कि वर्तमान विधानसभा भवन को छाया नहीं जाएगा बल्कि उसे जनता के लिए ऐतिहासिक धरोहर के रूप में संरक्षित रखा जाएगा। सुमन ने विधानसभा परिसर स्थित तेलुगू राष्ट्र समिति विधायक दल कार्यालय में मीडिया से यह भी बात कही। उन्होंन आगे कहा कि वर्तमान विधानसभा भवन को गिराये जाने की अफवा फैलाई जा रही है।