हैदराबाद : कांग्रेस सांसद रेवंत रेड्डी ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसीआर को अंधविश्वास से बाज आने की नसीहत देते हुए कहा कि इसी अंधविश्वास के चलते सीएम सचिवालय को तोड़कर जनता के करोड़ों रुपए की बर्बादी कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि मौजूदा सचिवालय आधुनिकता को ध्यान में रखकर ही बनाया गया था। 100 सालों के उपयोग के लिए सचिवालय का निर्माण हुआ था, पर एक भी भवन का उपयोग 30 सालों से ज्यादा नहीं हुआ है। ऐसे में उसे तोड़ना ठीक नहीं है।

सोमवार को संवाददाताओं से बात करते हुए रेवंत रेड्डी ने कहा कि केसीआर अपने अंधविश्वास के लिए अपने नहीं बल्कि जनता के पैसे को बर्बाद कर रहे हैं। इसी अंधविश्वास के चलते वह 1,000 करोड़ की संपत्ति यानि भवनों को ढहाने की बात कर रहे हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी नए सचिवालय के निर्माण की बात से कभी सहमत नहीं होगी, इसका विरोध कांग्रेस पार्टी करती रहेगी।

रेवंत रेड्डी ने आगे कहा कि तेलंगाना को बनकर इतने साल हो गए पर अब तक तेलंगाना के लिए शहीद हुए अमरवीरों के स्मारक की नींव तक नहीं रखी गई, लेकिन पुराने सचिवालय को गिराकर नया सचिवालय बनाने के लिए भूमि पूजन कर दिया गया।

इसीसे केसीआर की प्राथमिकता का पता चलता है।

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रेवंत रेड्डी का कहना है कि केसीआर अगर सही होते तो विद्यार्थियों के भविष्य की चिंता करते और उनकी कॉलेज के लिए नए भवनों का निर्माण करते।

उन्होंने कहा कि हमने सचिवालय को तोड़ने से रोकने के लिए कोर्ट में जनहित याचिका दायर कर दी है। कांग्रेस पार्टी सचिवालय को टूटने से बचाकर ही मानेगी। इस मुद्दे पर जो भी पार्टी हमारा साथ देना चाहे हमसे मिल सकती है, हम साथ मिलकर लड़ेंगे। कांग्रेस के कार्यकर्ता इन भवनों को टूटने से बचाने के लिए पूरा सहयोग करेंगे तो अच्छा होगा।