हैदराबाद : तेलंगाना राष्ट्र समिति (TRS) के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि लोकसभा में 'तीन तलाक' विधेयक पर मतदान के दौरान उनकी पार्टी अनुपस्थित रह सकती है। मुख्यमंत्री के चन्द्रशेखर राव (KCR) के नेतृत्व वाली टीआरएस ने पिछले वर्ष दिसम्बर में यही रणनीति अपनायी थी।

नेता ने कहा, 'पिछले वर्ष, हमने (चर्चा में) भाग लिया और (मतदान) से दूर रहे थे, इस बार भी ऐसा ही कर सकते हैं।'' उन्होंने कहा, "मेरा मानना है कि इसका (विधेयक) विरोध कुछ समस्याएं पैदा करेगा, इसका समर्थन भी कुछ समस्याएं खड़ी करेगा।" केन्द्र सरकार गत शुक्रवार को लोकसभा में नया तीन तलाक विधेयक लेकर आई थी।

मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक, 2019 नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा अपने दूसरे कार्यकाल में संसद में पेश किया जाने वाला पहला विधेयक बन गया। कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा था कि यह कानून लैंगिक समानता और न्याय के लिए जरूरी है।

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हैदराबाद लोकसभा सीट से सांसद असदुद्दीन ओवैसी इस विधेयक का जोरदार विरोध कर रहे हैं। लोकसभा में TRS के नौ सदस्य और राज्यसभा में छह सदस्य हैं। तेलंगाना कांग्रेस ने मांग की थी कि राज्य में सत्तारूढ़ टीआरएस तीन तलाक विधेयक पर अपना रुख स्पष्ट करे।