नई दिल्ली : कांग्रेस पार्टी के प्रदेश स्तर के आलाकमान व राष्ट्रीय नेताओं की अनदेखी के कारण एक एक करके 12 विधायक तेलंगाना राष्ट्र समिति में चले गए और पार्टी के नेता ठोस कदम उठाने के बजाय केवल बयान देते रह गए।

अब जब विधानसभा अध्यक्ष ने कांग्रेस विधायक दल को तेलंगाना की सत्तारूढ़ टीआरएस में विलय को मंजूरी दे दी है तो इसे ‘दिन दहाड़े लोकतंत्र की हत्या' करार दे रहे हैं।

18 में से 12 विधायकों के पार्टी छोड़ने के तौर तरीके पर पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि यह देश के लिए स्वस्थ परिपाटी नहीं है और यह जनादेश की हत्या है जिसके लिए तेलंगाना की जनता कभी माफ नहीं करेगी।

उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘ जिस तरह से जनादेश और लोकतांत्रिक परिपाटयों की हत्या की जा रही है, वह ऐसी चीज है जिसे भारत को नहीं अपनाना चाहिए। भारतीयों को इस तरह दिनदहाड़े लोकतंत्र की हत्या का अभ्यस्त नहीं होना चाहिए।''

आपको बता दें कि तेलंगाना में कांग्रेस को एक बड़ा झटका देते हुए उसके 18 में से 12 विधायकों ने अपने समूह के बृहस्पतिवार को सत्तारूढ़ तेंलगाना राष्ट्र समिति में विलय की इच्छा प्रकट करते हुए विधानसभा अध्यक्ष को प्रतिवेदन दिया था, जिसे विधानसभा अध्यक्ष ने स्वीकार कर लिया है।

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