हैदराबाद : एक्जिट पोल के नतीजों में मोदी सरकार के दूसरी बार सत्तारूढ़ होने के पूर्वानुमानों से तेलंगाना राष्ट्र समिति के खेमे में उत्साह कम पड़ गया है। यह पार्टी त्रिशंकु लोकसभा होने की स्थिति में अहम किरदार निभाने की सोच रही थी लेकिन उसकी संभावना धूमिल पड़ गयी है।

मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव की अगुवाई वाली टीआरएस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘‘हमारा पूर्वानुमान था कि ना तो राजग को और ना ही संप्रग को अपने दम पर बहुमत मिलेगा। एक्जिट पोल के नतीजों की मानें तो हम गलत साबित होने जा रहे हैं।''

एक राजनीतिक विश्लेषक ने कहा कि अगर एक्जिट पोल के अनुसार राजग अपने दम पर सत्ता में लौटने वाला है तो गैर-कांग्रेसी, गैर-भाजपाई क्षेत्रीय दलों का संघीय मोर्चा बनाने का राव का प्रयास निसंदेह बेकार जाएगा।

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तेलंगाना में लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान टीआरएस ने बार बार दावा किया कि पार्टी सरकार बनाने में अहम भूमिका निभाएगी। राव ने पिछले साल संघीय मोर्चा बनाने का विचार रखा था और ममता बनर्जी (तृणमूल कांग्रेस), अखिलेश यादव (सपा), एम के स्टालिन (द्रमुक), नवीन पटनायक (बीजद) और एच डी देवगौड़ा (जेडीएस) समेत कई क्षेत्रीय क्षत्रपों से मुलाकात की थी।

टीआरएस के सूत्रों ने कहा था कि पार्टी की प्रतिक्रिया इस बात पर निर्भर करती है कि राजग या संप्रग के बहुमत के करीब नहीं पहुंचने पर भाजपा और कांग्रेस स्थिति से कैसे निपटेंगे।