हैदराबाद: तेलंगाना के जगतियाल जिले में ईवीएम को ले जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हड़कंप की स्थिति पैदा हो गई, जिसके बाद चुनाव अधिकारियों ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि मशीनों का इस्तेमाल केवल प्रशिक्षण और कार्मिक काम के लिए किया जा रहा था।

जगतियाल के तहसीलदार कार्यालय से 10 ईवीएम को सोमवार रात एक ऑटोरिक्शा से वेयरहाउस ले जाया जा रहा था, लेकिन वेयरहाउस बंद होने की वजह से ईवीएम को उसी वाहन से वापल लाया गया।

यह भी पढ़ें:

Telangana Election Results 2018 :  कांग्रेस ने तेलंगाना में ईवीएम से छेड़छाड़ की  जताई आशंका

यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद कुछ लोगों ने मतदान में इस्तेमाल किए जाने वाले ईवीएम की सुरक्षा पर सवाल उठाए। ईवीएम ले जाने के समय ने भी संदेह पैदा किया।

जगतियाल निजामाबाद लोकसभा संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आता है, जहां लोकसभा चुनाव के पहले चरण के अंतर्गत 185 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे।

तेलंगाना के मुख्य निर्वाचन अधिकारी(सीईओ) रजत कुमार ने हालांकि कयासों को खारिज कर दिया और स्पष्ट किया कि इन ईवीएम को 11 अप्रैल को होने वाले चुनावकर्मियों के प्रशिक्षण के लिए इस्तेमाल में लाया गया था।

कुमार ने हैदराबाद में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि वीडियो में दिख रहा ईवीएम एम2 वर्जन की मशीन है, जबकि पूरे निजामाबाद क्षेत्र में मतदान के लिए एम3 ईवीएम का इस्तेमाल किया गया।

जगतियाल के जिला कलेक्टर एस. शरथ ने संबंधित अधिकारियों से इस बाबत जवाब मांगा है कि ईवीएम को रात में क्यों ले जाया जा रहा था। सीईओ ने कहा कि संदेह पैदा करने के लिए कुछ पुराने वीडियो को भी सोशल मीडिया पर डाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि जो भी इस तरह के वीडियो को पोस्ट कर रहे हैं, उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा।