हैदराबाद : तेलंगाना विधानसभा चुनाव के दौरान तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के उम्मीदवारों ने बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी किये जाने आरोप लगाते हुए कांग्रेस और टीडीपी नेताओं द्वारा दायर याचिका पर सोमवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि सभी उम्मीदवारों की दायर अलग-अलग याचिकाओं की एक साथ सुनवाई की जाएगी।

कांग्रेस के 12 और टीडीपी के एक उम्मीदवारों ने दायर याचिका में कहा कि उनके खिलाफ जीत चुके विधायकों को अयोग्य करार दिया जाए। क्योंकि उनके खिलाफ जीते चुके उम्मीदवारों ने चुनाव के दौरान बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी किया है।

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काग्रेस पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष रेवंत रेड्डी ने दायर याचिका में कहा कि कोडंगल के टीआरएस उम्मीदवार पटनम नरेंदर रेड्डी ने चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन किया है। रेवंत रेड्डी ने दायर याचिका में बताया कि पटनम नरेंदर ने चुनाव के दौरान 6.5 करोड़ रुपये खर्च किये जाने किया है। इस संबंध में एक डायरी भी मिली है।

इसी क्रम में अडलूरी लक्ष्मण कुमार ने दायर याचिका में कहा कि धर्मपूरी के टीआरएस उम्मीदवार कोप्पुल ईश्वर को अयोग करार किया जाए। क्योंकि ईश्वर ने कुछ अधिकारियों के साथ मिलीभगत करके ईवीएम के साथ टैंपरिंग की है। उन्होंने कहा कि जिस कमरे में ईवीएम की मशीने रखी गई थी, उस कमरे को ताला तक नहीं लगाया था। ईवीएम की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम भी नहीं उठाये गये। इसी प्रकार दायर याचिका में पराजित उम्मीदरवारों ने अनेक प्रकार की शिकायतें की है।

याचिका दायर करने वालों में कांग्रेस के डीके अरुणा, दासोसु श्रवण कुमार, नागम जनार्दन रेड्डी, कासानी ज्ञानेश्वर राव, पोन्नम प्रभाकर, अद्दंकी दयाकर, फिरोज खान और टीडीपी के चंद्रशेखर शामिल हैं।