हैदराबाद : तेलंगाना में समय से पूर्व चुनाव कराए जाने कारण 119 विधायकों में से 38 विधायकों को 22.5 लाख रुपए का नुकसान हुआ। आपको बता दें कि हर विधायक को मानदेय वेतन के रूप में 2.5 लाख रुपए हर महीने मिलता है। जिसमें कई भत्ते भी शामिल होते हैं।

तेलंगाना विधानसभा चुनाव अप्रैल या मई 2019 होने चाहिए थे। मगर मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने समय से पूर्व विधानसभा को भंग कर दी और चुनाव की घोषणा कर दी। निर्धारित समय से पहले यानी 9 महीने पहले यानी 6 सितंबर 2018 को विधानसभा भंग किया गया। इसके कारण विधायकों को वेतन या भत्ता नहीं मिलता है। इसके चलते 38 विधायकों को 9 महीने का वेतन से वंचित होना पड़ा है।

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इसके अलावा संबंधित दलों द्वारा टिकट से वंचित किए जाने के कारण या चुनाव हार जाने के कारण भी नुकसान उठाना पड़ा है। जिन विधायकों को 9 महीने का वेतन होना पड़ा उनमें ज्यादातर विधायक टीआरएस के हैं। उनमें अन्य कुछ दलों में शामिल हो गए या उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

उदाहरण कोंडा सुरेखा और बी शोभा को टीआरएस टिकट से वंचित किया गया। दोनों ने अन्य पार्टी से चुनाव लड़ा औक हार गए। इसके अलावा सीपीआई के विधायक को भी 9 महीने का वेतन और अन्य भत्ते से वंचित होना पड़ा। दूसरी ओर जो विधायक चुने गए हैं उन्हें शपथ लेने के बाद से वेतन और अन्य भत्ते दिए जाएंगे।