हैदराबाद : पूर्व मंत्री व कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता कोमटीरेड्डी वेंकट रेड्डी ने कहा कि तेलंगाना विधानसभा चुनाव में गठबंधन की वजह से ही कांग्रेस को करारी हार मिली है। उन्होंने शनिवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि यदि कांग्रेस विधानसभा चुनाव में अकेली चुनाव लड़ी होती, तो उसे कम से कम 40 से 45 सीटें जरूर मिली होतीं।

उन्होंने बताया कि महागठबंधन (महाकूटमी) से पहले ही उन्होंने पार्टी आलाकमान से इसका विरोध किया था, लेकिन बावजूद इसके गठबंधन किया गया। उन्होंने कहा कि महागठबंधन की वजह से लोग असमंजस में पड़ गए कि आखिर टिकट किस पार्टी को मिलेगा और किसको नहीं।

इसके अलावा केसीआर के ये बयान और भाषण भी कारगर साबित हुए कि सीटों का बंटवारा तक नहीं कर पाने वाला गठबंधन राज्य में शासन कैसे करेगा। टीआरएस ने महाकूटमी के जीतने पर तेलंगाना में फिर से बाबू का राज आने का जमकर प्रचार किया था।

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कोमटी रेड्डी ने कहा कि उनजैसे नेताओं के हारने की वजह सिर्फ और सिर्फ गठबंधन है। उन्होंने बताया कि केसीआर ने नलगोंडा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में दो बार चुनाव प्रचार कर नलगोंडा को दत्तक पर लेकर उसका विकास करने के केसीआर के आश्वासन पर लोगों ने भरोसा किया है और इसी कारण उनकी हार हुई।

पिछले दिनों हुई कांग्रेस पार्टी की समीक्षा बैठक में लोकसभा चुनाव में किसी से चुनावी गठबंधन का साफ इनकार करने की जानकारी देते हुए कोमटीरेड्डी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी लोकसभा चुनाव में 7 या 8 सीटों पर जरूर जीतेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि पार्टी आलाकमान की अनुमति मिलने पर वह नलगोंडाल लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं।