हैदराबाद : तेलंगाना विधानसभा चुनाव में भारी संख्या में मिले वोटों ने तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) को बड़ी जीत में मदद की। टीआरएस पार्टी को 46.9 फीसदी वोट मिले और पार्टी ने 119 सदस्यीय विधानसभा में 88 सीटें जीती, जो 97 लाख वोटों से थोड़ा ज्यादा है।

कांग्रेस के नेतृत्व में चार पार्टियों के गठबंधन पीपुल्स फ्रंट को 32.8 फीसदी वोट यानी 67.95 लाख वोट मिले। पार्टी ने 21 सीटों पर जीत दर्ज की।

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कांग्रेस पार्टी ने अकेले 19 सीटें जीती और उसका वोट प्रतिशत 28.4 फीसदी (58.83 लाख वोट) रहा। तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) ने दो सीटें जीती और उसका वोट प्रतिशत 3.5 फीसदी (7.25 लाख वोट) रहा। कांग्रेस 94 सीटों पर और तेदेपा 13 सीटों पर चुनाव लड़ी थी।

तेलंगाना जन समिति (टीजेएस) को 0.4 फीसदी और सीपीआई को सिर्फ 0.5 फीसदी वोट मिले।भाजपा अपने दम पर सभी सीटों पर चुनाव लड़ी थी और उसे सिर्फ एक सीट से संतोष करना पड़ा। पार्टी को सात फीसदी वोट मिले।

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ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमिन (एआईएमआईएम) हैदराबाद में आठ में से सात सीटें जीतने में कामयाब रही। पार्टी को 2.7 फीसदी वोट मिले। अन्य पार्टियों में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) को 2.1 फीसदी वोट, बहुजन वाम मोर्चे को 0.7 फीसदी, फॉरवर्ड ब्लॉक को 0.8 फीसदी, माकपा को 0.4 फीसदी और निर्दलियों को 3.3 फीसदी वोट मिले।

फॉरवर्ड ब्लॉक एक सीट जीतने में कामयाब रहा जबकि एक सीट पर निर्दलीय ने जीत दर्ज की।निर्वाचन आयोग के मुताबिक, 1.1 फीसदी मतदाताओं ने नोटा का इस्तेमाल किया। राज्य में 2.8 करोड़ मतदाताओं में से 73.2 फीसदी मतदाताओं ने सात दिसंबर को अपने मताधिकार का प्रयोग किया था।