इस बार के विधानसभा चुनाव में हुजुराबाद में टीआरएस और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर बताई जा रही है। 2009 और 2014 के चुनाव में यहा से ईटेला राजेंदर चुने गये। यहां से टीआरएस के निवर्तमान विधायक व कार्यवाहक वित्तमंत्री इटेला राजेंदर जीत की हैट्रिक लगाना चाहते हैं और इसीलिए वह पिछले कुछ समय से अपने निर्वाचन क्षेत्र में जमकर प्रचार कर रहे हैं।

इस बार इटेला की टक्कर कांग्रेस के उम्मीदवार पाड़ी कौशिक रेड्डी से है। पूर्व क्रिकेटर कौशिक रेड्डी महाकूटमी के उम्मीदवार के तौर पर निर्वाचन क्षेत्र में प्रचार कर रहे हैं।

इटेला की जीत में उनका बीसी वर्ग से होना, निर्वाचन क्षेत्र में किए गए विकास कार्य और टीआरएस सरकार की योजनाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। हालांकि उनके मंत्री बनने के बाद निर्वाचन क्षेत्र के लोगों के लिए उपलब्ध नहीं होने के अलावा यहां के द्वीतीय श्रेणी के कार्यकर्ताओं में भी इटेला को लेकर नाराजगी व्यक्त हो रही है।

दूसरी तरफ, कौशिक रेड्डी की जीत की संभावनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता है। कौशिक रेड्डी मुख्य रूप से युवाओं में काफी मशहूर हैं। इसके अलावा वह महाकूटमी के उम्मीदवार भी हैं। इटेला जैसे दिग्गज नेता को चुनौती देना और कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं का पार्टी छोड़ना कोशिक रेड्डी के लिए थोड़ा मुश्किल हो सकता है।

लोकेश पर भड़के ईटेला, बोले- बचकाना है बयान

इस चुनाव में ईटेला के विजय कारण उनके द्वार किये गये विकास,टीआरएस सरकार की योजनाए और एक वरिष्ट B.C नेता होना जैसे कारण उनको चुनाव विजय बना सकते है।मंत्री होने के बाद लोगो को न मिलना और द्वितिया श्रेणि के कार्यकार्ताओ में कुच निराश में है।

कौशिक रेड्डी को युवावो में अच्छी नाम,कांग्रेस की अच्छी क्याडर और महाकुटमी का मदद उनको विजय बना सकते है।ईटेला जैसे बडी नेता का समना करना और सिनियर नेता पार्टी को छोडना जैसे कुच कारण उनको विजय के संकट बन सकते है।