सिद्दीपेट: तेलंगाना विधानसभा चुनाव में अब कुछ ही दिन शेष रह गये हैं और धुआंधार चुनाव प्रचार में जुटी के. चंद्रशेखर राव (KCR) की पार्टी TRS चंद्रबाबू नायडू को रोकने के लिये तेलंगाना गौरव का आह्वान कर रही है। सत्तारूढ़ पार्टी के लिये सबसे बड़े संकटमोचक माने जाने वाले कार्यवाहक मंत्री टी हरीश राव ने कहा है कि तेलंगाना के लोगों के लिये नायडू एक 'विश्वासघाती' हैं और उन्हें 'अप्रत्यक्ष रूप से राज्य पर नियंत्रण' करने से रोकने की जरूरत है।

हरीश राव ने अपने चुनावी कार्यक्रम को लेकर कहा, "अगर नायडू तेलंगाना नहीं आते तो हम तेलंगाना गौरव की बात नहीं करते। यह मुद्दा नहीं उठता अगर कांग्रेस अकेले चुनाव लड़ती। चूंकि नायडू 'महाकुटमी' (विपक्षी पार्टियों के महागठबंधन) का हिस्सा हैं इसलिए निश्चित रूप से तेलंगाना गौरव की बात सामने आयेगी।'' घर-घर जाकर चुनाव प्रचार करने से लेकर रैलियों को संबोधित करने तक राव अपने चाचा के चंद्रशेखर राव (KCR) की राज्य में दूसरी बार सत्ता में वापसी सुनिश्चित करने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते।

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टी हरीश राव ने कहा कि तेलंगाना गौरव सिर्फ आत्मसम्मान की बात है। तेदेपा का कांग्रेस के साथ हाथ मिलाना उनकी पार्टी टीआरएस के लिये 'एक वरदान' ही है। TRS तेलंगाना की 119 में से 107 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। TDP कांग्रेस की अगुवाई वाले चार दलों के गठबंधन 'महाकुटमी' का हिस्सा है। गठबंधन के दो अन्य दल भाकपा (CPI) और टीजेएस (TJS) हैं। राज्य में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान सात दिसंबर को और मतगणना 11 दिसंबर को है। महाकुटमी को पूरी तरह असफल बताते हुए TRS नेता ने कहा कि उनकी पार्टी कांग्रेस और BJP दोनों से ही दूरी बनाए हुए है।