‘महाकूटमी’ में उम्मीदवारों को लेकर सस्पेंस बरकरार, नेताओं की बढ़ी बेचैनी

डिजाइन फोटो  - Sakshi Samachar

संयुक्त रंगारेड्डी जिले में टीडीपी पिछले चुनाव में जीती गई सभी सीटों की मांग कर रही है।आपको बता दें कि गत विधानसभा चुनाव में टीडीपी ने नगर के सीमावर्ती क्षेत्र की सभी सीटों पर जीत दर्ज की थी। संयुक्त जिले के कुल 14 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में से टीडीपी-भाजपा गठबंधन को 8 सीटों पर जीत मिली थी और ये सभी सीमावर्ती निर्वाचन क्षेत्र की हैं। इनमें से 7 पर टीडीपी की जीत हुई थी।

टीडीपी की टिकट पर चुनाव जीतने वाले शेरिलिंगमपल्ली, कुतुबुल्लापुर, राजेंद्र नगर, इब्राहिमपट्टणम, महेश्वरम के विधायक टीआरएस में शामिल हो चुके हैं, जबकि केवल एल.बी.नगर से चुनाव जीतने वाले आर. कृष्णय्या ही टीडीपी के विधायक बचे हैं, परंतु उन्होंने भी खुद को टीडीपी के मामलों से दूर रखा हुआ है। हालांकि हाल ही में उन्होंने हाल ही में उनके टीडीपी में ही होने की घोषणा की थी। अगर गठबंधन की वजह के कुछ सीटें छोड़नी भी पड़ीं तो टीडीपी कम से कम चार सीटें जरूर मांग सकती है। इससे यहां कांग्रेस की टिकट की आस लगाए बैठे कांग्रेसी नेताओं की बेचैनी हुई है।

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साथ ही टीजेएस, भाकपा भी जिले में चार सीटें मांग रही हैं। टीजेएस इनमें से मल्काजगिरि और तांडूर सीट की मांग कर रही है, जबकि इस क्षेत्र के लिए कांग्रेस पार्टी के मजबूत उम्मीदवार पहले से हैं। महाकूटमी की तरफ से अब तक केवल परगी निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस की तरफ से निवर्तमान विधायक राममोहन रेड्डी का नाम लगभग तय माना जा रहा है। उप्पल में कांग्रेस पार्टी के प्रभारी बंडारु लक्ष्मा रेड्डी के टीआरएस में शामिल हो जाने से टीडीपी की तरफ से वीरेंद्रर गौड़ ने अपना प्रचार तेज कर दिया है।

पूर्व गृहमंत्री सबिता इंद्रारेड्डी का महेश्वरम से चुनाव मैदान में उतरना लगभत तय है। बाकी सीटों को लेकर अभी भी अनिश्चितता बरकरार है। दूसरी तरफ, विधानसभा चुनाव का समय करीब आने से टिकट मिलने की उम्मीद लिए बैठे नेताओं की बेचैनी लगातर बढ़ रही है।

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