हैदराबाद : आबिड्स पुलिस ने भारतीय जनता पार्टी के तेज तर्रार नेता और गोशामहल के पूर्व विधायक टी. राजा सिंह को नोटिस जारी किया है। पुलिस यह नोटिस 15 अगस्त को निकाली गई तिरंगा रैली को लेकर जारी किया है। पुलिस ने नोटिस में कहा कि अवैध रूप से तिरंगा रैली निकाली गई है। पुलिस की इस नोटिस पर राजा सिंह ने एक वीडियो जारी किया है। तेलुगु में जारी वीडियो में राजा सिंह ने पुलिस की नोटिस पर आश्चर्य व्यक्त किया है।

बीजेपी के पूर्व विधायक ने कहा कि आजादी (15 अगस्त) के दिन रैली निकालना कोई अपराध नहीं है। पूरे देश में आजादी के दिन रैली और सभाएं आयोजित की जाती है। मिठाई बांटी जाती है। इसके लिए पुलिस की अनुमति लेने की जरूरत नहीं होती है। रैली और सभाएं आजादी दिवस उत्सव का एक हिस्सा है। पुलिस नोटिस देखकर आज मुझे लज्जा हो रही है। मेरे खिलाफ पांच थानों में तिरंगा रैली को लेकर मामले दर्ज किये गये हैं।

राजा सिंह ने कहा कि गोशामहल निर्वाचन क्षेत्र वर्ष 2012 से कुछ युवक तिरंगाना रैली निकालते आ रहे हैं। तिरंगा रैली के लिए पहले कभी पुलिस की अनुमति नहीं ली गई। गत 15 अगस्त को निकाली गई रैली में वह मुख्य अतिथि मात्र थे। न जाने क्यों तेलंगाना सरकार तिरंगा रैली को देखकर डर रही है? क्या मुख्यमंत्री केसीआर एआईएमआईएम से डर रहे हुए हैं? क्या तेलंगाना सरकार की आत्मा में रजाकार ने प्रवेश किया है? रजाकार के दौर में भारत माता की जय बोलेने पर जान से मार दिया जाता था। आज इस नोटिस को देखकर महसूस हो रहा है कि रजाकार का दौर फिर तेलंगाना में आ रहा है।

राजा सिंह ने यह भी कहा कि अच्छे नेताओं को देखकर यह सरकार डर रही है। पूर्व विधायक जग्गा रेड्डी को जेल में डाला दिया है। रेवंत रेड्डी को जेल में भेजने की कोशिश की जा रही है। अब मुझे भी जेल भेजने का षडयंत्र रचा जा रहा है। मगर वह ऐसे नोटिसों से डरने वाले नहीं है।

राजा सिंह ने कहा कि क्या तेलंगाना भारत में है या पाकिस्तान में ? तिरंगा रैली क्यों नहीं निकालनाी चाहिए? क्या रैली के कारण किसी का नुकसान हुआ है? क्या कानून व्यवस्था भंग हुई है? क्या किसी पर हमला किया गया है?

अपने इस वीडियो में राजा सिंह ने पुलिस को चुनौती दी है कि तिरंगा रैली निकालना अपराध है तो वो किसी भी सजा के लिए तैयार है। सरकार चाहे हमे जेल में डाले, उनका एनकाउंटर करें या तडीपार करें। हर किसी का मुकाबला करने को तैयार है। राजा सिंह ने कहा कि पुलिस की नोटिस को वह कोर्ट में चुनौती देंगे।