नई दिल्ली: नासा का अंतरिक्ष यान मार्स इनसाइट लैंडर यान के मंगल ग्रह की सतह को छूते ही दुनियाभर में खुशी की लहर है। मंगल ग्रह के रहस्यों की तह तक जाने की कड़ी में इसे बड़ी सफलता मानी जा रही है। मंगलवार रात करीब 1:24 पर यान ने मंगल ग्रह की सतह को छुआ।

यह यान मानवरहित है, जिसमें तमाम अत्याधुनिक उपकरण लगे हैं। जिसकी मदद से मंगल ग्रह के कई रहस्यों पर से पर्दा उठ सकता है। बता दें कि पृथ्वी पर रहने वाले जीवों के लिए जलवायु के नजरिए से मंगल ग्रह सबसे मुफीद है जहां जिंदा रहा जा सकता है। हालांकि सामान्य परिस्थितियों में ऐसा कर पाना संभव नहीं है।

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वैज्ञानिकों का मानना है कि अब वो दिन दूर नहीं जब इंसान भी मंगल ग्रह पर पांव रख सकेंगे। विभिन्न सैटेलाइट्स के जरिए नासा के यान पर नजर रखी जा रही है। साथ ही दुनियाभर के खगोलीय वैज्ञानिक इस यान से मिली जानकारी पर अध्ययन में जुटा रहे हैं।

हालांकि इससे पहले नासा के ही क्यूरियोसिटी यान ने मंगल ग्रह पर पहुंचने में सफलता हासिल की थी।

बता दें कि मंगल पर पहुंचा मौजूदा यान बैटरी से चालित है। साथ ही इसका वजन 358 किलो है। इस यान में जितनी ऊर्जा है इससे ये अगल 26 महीनें यानी दो सालों से अधिक तक काम करेगा। इस मिशन में 7000 करोड़ रुपए से भी अधिक का खर्चा आया है। जिसमें दुनिया के दस दिग्गज देश शामिल हैं।

इस यान से जुटी जानकारी के जरिए वैज्ञानिक ये पता लगाने की कोशिश करेंगे कि करीब साढ़े चार अरब साल पहले पृथ्वी व अन्य ग्रहों का निर्माण कैसे हुआ।