नई दिल्ली : कोई किसान अब मोबाइल एप के जरिये किसी अन्य कृषक को अपना ट्रैक्टर किराए पर ट्रैक्टर दे सरकार है या दूसरे किसान से उसकी मशीन किराए पर मांग सकता है। ट्रैक्टर एंड फार्म इक्विपमेंट (टीएएफई) ने अपने जेफार्म सर्विसेज के जरिए इस सुविधा की राष्ट्रीय स्तर पर शुरुआत की शुक्रवार की घोषणा की।

कंपनी ने कहा कि जो किसान अपने मौजूदा ट्रैक्टर और कृषि उपकरणों को किराए पर देना चाहते हैं, उन्हें जेफार्म सर्विसेज एप के ‘किसान-से-किसान मॉडल' के माध्यम से सीधे उन किसानों से जोड़ा गया है जो उन्हें किराए पर लेना चाहते हैं। इसने कहा है कि जेफार्म सर्विसेज किसानों को ट्रैक्टरों और आधुनिक कृषि मशीनरी को किराये पर लेने और उन्हें किसान उद्यमियों से संपर्क करने, किराये की कीमतों को बातचीत से तय करने और अपनी संबंधित आवश्यकता को पूरा करने की सुविधा सेवाएं मुफ्त में प्रदान करता है।

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टीएएफई के अध्यक्ष और मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) मल्लिका श्रीनिवासन ने कहा, "इस पेशकश के साथ हमारा उद्देश्य उन लाखों किसानों तक पहुंच कायम करना है जिनके पास कृषि मशीनीकरण और आधुनिक तकनीक तक पहुंच नहीं है, तथा 2022 तक कृषि आय को दोगुनी करने के प्रधान मंत्री के दृष्टिकोण की ओर इस प्रगति को गति प्रदान करना है।" कंपनी ने कहा कि जेफार्म सर्विसेज को फिलहाल प्रायोगिक तौर पर मध्यप्रदेश, राजस्थान, गुजरात और उत्तर प्रदेश में शुरु किया गया है जो लगभग 60,000 उपयोगकर्ताओं को सीधे लाभ पहुंचाते हैं।

टीएएफई ने जेएफएम सेवा मंच को शुरु करने के लिए बिहार, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु और असम जैसी विभिन्न राज्य सरकारों के साथ साझेदारी की है। टीएएफई ने कहा कि भारत भर में भूमि के छोटे पट्टे रखने वाले किसान अब अपनी उत्पादकता और आय में उल्लेखनीय वृद्धि के लिए अत्याधुनिक कृषि उपकरण किराए पर ले सकते हैं। एप का उपयोग कम लागत वाली एंड्रायड फोन पर किया जा सकता है और इसे बहुत कम डेटा पर चलाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

किसान जिनके पास स्मार्ट या फीचर फोन नहीं हैं, वे टोल-फ्री हेल्पलाइन का उपयोग कर सकते हैं। इसके अलावा, यह मंच बिना किसी शुल्क के स्थानीय मौसम, बाजार, कृषि-समाचार और मंडी की कीमतों के बारे में समय समय पर अद्यतन सूचना भी प्रदान करता है।