लंदन। टीम इंडिया मंगलवार को आईसीसी वर्ल्ड कप2019 के सेमीफाइनल मुकाबले में टीम इंडिया का मुकाबला न्यूजीलैंड से है। मंगलवार को एक बार फिर टीम इंडिया के ओपनर बल्लेबाज रोहित शर्मा सभी की निगाहें टिकी हुई है। इस पूरे वर्ल्ड कप के दौरान वे पांच शतकों के साथ वे पूरे रंग में दिखाई दे रहे है। ऐसे में इंडियन फैन्स से उनसे काफी उम्मीदें लगाए बैठे हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि कभी गॉड गिफ्टेड कहे जाने वाले रोहित शर्मा अब के हिटमैन कैसे बने अगर नहीं तो आइए हम आपको बताते हैं कि रोहित शर्मा ने यह सफर कैसे तय किया।

रोहित शर्मा
रोहित शर्मा
रोहित शर्मा अपनी पत्नी के साथ
रोहित शर्मा अपनी पत्नी के साथ

रोहित शर्मा ने जब डेब्यू किया था तो उन्हें गॉड गिफ्टेड कहा जा रहा था। साल 2011 के वर्ल्ड कप से पहले रोहित कुछ खास कमाल नहीं कर पाए थे। इस वजह से वे 2011 का वर्ल्ड कप भी नहीं खेल पाए थे। 2011 के वर्ल्ड कप से पहले उन्होंने 61 मैचों में 1248 रन बनाए थे। इस वजह से उन्हें टीम में शामिल नहीं किया गया था। रोहित को यह टीस आज भी सालती रहती है। साल 2011 के बाद 2012 भी उनके लिए अच्छा नहीं रहा था। इसके बाद उन्होंने टैलेंट को प्रायोरिटी दी जिसकी बदौलत नेट्स पर उन्हें कभी कभी किसी सलाह की जरूरत नहीं पड़ी। इस बात की तस्दीक मुंबई के कोच प्रवीण आमरे ने की है।

ये है रोहित शर्मा के हिटमैन बनने का राज

शुरुआती दौर में औसत प्रदर्शन के बावजूद रोहित ने अपनी समझ बूझ की बदौलत सबसे पहले अपनी फिटनेस पर काम करना शुरू किया। इस बीच उन्हें टीम में ओपनिंग का मौका मिला जिससे उनके खेल को नया आयाम मिला। कुछ दिनों बाद उन्हें मुंबई इंडियंस की कमान मिली तो उनमें मैच्योरिटी आती चली गई। यहीं से उन्हें हिटमैन का नाम मिला। रोहित समझ गए कि अगर वे विकेट पर टिक गए तो उन्हें कोई गेंदबाज नहीं रोक सकता। इस कारण उन्होंने शुरुआत में धीमी खेलने की आदत डाली और बाद में तेज खेलने की शैली को अपनाया जो उनके लिए काफी कारगर साबित हुई। साल 2015 के दौरान तो रोहित चूक गए थे, लेकिन अब वे इस मौके को हाथ से नहीं जाने देंगे।