कानपुर : भारत और न्यूजीलैंड की टीम ग्रीन पार्क स्टेडियम में रविवार को निर्णायक मुकाबले में आमने-सामने होंगी। तीन वनडे मैचों की सीरीज 1-1 से बराबरी पर है और तीसरा तथा आखिरी मैच इस सीरीज के विजेता का फैसला करेगा।

दोनों टीमों के लिए यह मुकाबला कई लिहाज से अहम है। भारत अपने घर में सीरीज की हार से बचना चाहेगा वहीं किवी टीम इस स्वर्णिम मौके को भुनाने की पूरी कोशिश में होगी। भारत को उसके घर में सीरीज में मात देना किवी टीम को विश्व क्रिकेट में एक नया मुकाम दे सकता है यह वह भलीभांति जानती है। भारत को घर में आखिरी बार दक्षिण अफ्रीका ने 2015-16 में पांच वनडे मैचों की सीरीज में 3-2 से हराया था।

किवी टीम को अपने पिछले दौरे में भारत ने वनडे सीरीज में 3-2 से मात दी थी। इससे पहले भारत में उसे 2010-11 में 5-0 से हार मिली थी। ऐसे में उसके पास भारत में सीरीज में जीत हासिल करने और इतिहास रचने का बेहतरीन मौका है।

मुंबई में खेले गए पहले मैच में न्यूजीलैंड ने जीत हासिल की थी जबकि दूसरे मैच में भारत ने विजय हासिल करते हुए 1-1 से बराबरी कर ली थी। कप्तान विराट कोहली की कप्तानी वाली भारतीय टीम किवी टीम को हल्के में लेने से बचेगी। टीम की बल्लेबाजी कप्तान पर काफी हद तक निर्भर करती है।

हालांकि सलामी जोड़ी से अच्छी शुरुआत उसकी सबसे बड़ी चिंता है। रोहित शर्मा और शिखर धवन की जोड़ी ने भारत को अभी तक ठोस शुरुआत से वंचित रखा है।

चौथे नंबर की समस्या के लिए भारत के पास दिनेश कार्तिक के रूप में एक विकल्प है। वह इस सीरीज के दोनों मैचों में खेले हैं। पहले मैच में वह पांचवें नंबर पर खेले थे, लेकिन अच्छी शुरुआत को बड़ी पारी में नहीं बदल पाए थे। हालांकि उन्होंने दूसरे मैच में चौथे नंबर पर खेलते हुए अर्धशतक जड़ा था।

केदार जाधव ने भी अच्छी प्रतिभा दिखाई है लेकिन वह भी अच्छी शुरुआत को बड़ी पारी में नहीं बदल पाए हैं। ऐसे में उन्हें भविष्य में अपनी जगह बनाए रखने के लिए बड़ी पारी की जरूरत है। कोहली, जाधव की जगह अंतिम एकादश में मनीष पांडे को भी आजमा सकते हैं।

निचले क्रम में हार्दिक पांड्या और महेंद्र सिंह धौनी के रूप में भारत के पास दो बेहतरीन खिलाड़ी हैं। गेंदबाजी में जसप्रीत बुमराह और भुवनेश्वर कुमार किवी बल्लेबाजों के लिए सिरदर्द साबित हो सकते हैं। स्पिन विभाग में पिछले मैच में कोहली ने कुलदीप यादव को बाहर बैठा कर अक्षर पटेल को मौका दिया था।

किवी टीम की बात की जाए तो उसकी बल्लेबाजी मार्टिन गुप्टिल, कप्तान केन विलियमसन, रॉस टेलर और टॉम लाथम पर निर्भर है। गुप्टिल ने बल्ले से अभी तक कुछ खास योगदान नहीं दिया है जबकि कप्तान पूरी तरह से विफल रहे हैं यह मेहमानों की बड़ी चिंता का विषय है।

लाथम और टेलर ने पहले मैच में क्रमश: शतक और अर्धशतक जड़े थे। सीरीज में भारत को मात देने के लिए इन चारों में से दो बल्लेबाजों का चलना किवी टीम के लिए बेहद अहम है।

वहीं गेंदबाजी में ट्रेंट बाउल्ट को छोड़कर कोई और गेंदबाज अपना प्रभाव नहीं छोड़ पाया है। मिशेल सैंटनर रनों पर अंकुश लगाने में जरूर कामयाब रहे हैं, लेकिन विकेट उनके हिस्से कम ही आए हैं। ऐसे में किवी टीम के गेंदबाजी आक्रामण को भारत को रोकने के लिए संयुक्त प्रदर्शन की जरूरत है।