किंग्सटन : पांच वनडे मैचों की सीरीज में 0-2 से पिछड़ने के बाद विंडीज ने चौथा मैच जीत सीरीज में अपनी बराबरी की उम्मीदों को जिंदा रखा है। गुरुवार को होने वाले पांचवें और आखिरी मैच में भी वह जीत चाहेगी और श्रृंखला ड्रॉ कराने की कोशिश करेगी।
वहीं दूसरी तरफ भारत के पास सीरीज जीतने का मौका है। वह 2-1 से आगे है और आखिरी मैच में वह हर हाल में सीरीज अपने नाम करना चाहेगी।
पहला मैच बारिश के कारण रद्द हो गया था। इसके बाद भारत ने लगातार दो मैच जीतते हुए सीरीज में 2-0 की बढ़त ले ली, लेकिन चौथे वनडे में मिली अप्रत्याशित हार के चलते उसे पांचवें मैच तक सीरीज जीतने का इंतजार करना पड़ रहा है।
पिछले मैच में दोनों टीमों की गेंदबाजी अच्छी रही थी। भारत ने पहले विंडीज को 189 रनों पर रोक दिया, लेकिन उसके बल्लेबाज इस लक्ष्य को हासिल नहीं कर पाए और पूरी टीम 178 रनों पर ढेर हो गई।
इस लिहाज से दोनों टीमों के लिए बड़ी चिंता बल्लेबाजी है। चैम्पियंस ट्रॉफी में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज शिखर धवन इस सीरीज में कुछ खास नहीं कर पाए हैं। आखिरी मैच में उनसे टीम को रनों की उम्मीद होगी। वहीं कप्तान विराट कोहली भी बल्ले से पिछले मैच में असफल रहे थे।
केदार जाधव, हार्दिक पांड्या अंत में अच्छा प्रदर्शन करते आ रहे हैं, लेकिन पिछले मैच में यह दोनों भी विफल रहे थे। ऐसे में टीम प्रबंधन चाहेगा की पिछले मैच में विफल रहने वाले बल्लेबाज अंतिम मैच में अच्छा करें।
इस सीरीज में भारत के लिए बल्ले से दो खिलाड़ियों ने अच्छा प्रदर्शन किया है। सलामी बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने हर मैच में 50 का आंकड़ा पार किया है और पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धौनी ने भी अर्धशतक जड़े हैं। लेकिन पिछले मैच में इन दोनों ने बेहद धीमी पारियां खेली थीं।

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भारत की सबसे बड़ी चिंता इस सीरीज में तेजी से रन बनाने की रही है। बीते दो मैचों में खासकर भारतीय बल्लेबाज रनों की गति को बढ़ा नहीं पाए हैं। इसका बहुत बड़ा कारण पिच भी रही है। पिछले दो मैचों में विकेट काफी धीमी थी और बल्लेबाजों को काफी परेशानी हो रही थी। अगला मैच सबिना पार्क मैदान पर खेला जाना है। यहां की पिच के भी धीमी रहने की संभावना है। ऐसे में दोनों टीमें के दिमाग में यह बात होगी कि इस परिस्थिति में किस तरह से रन बनाने हैं और बोर्ड पर मजबूत स्कोर टांगना है।
भारत ने पिछले मैच में युवराज सिंह को आराम देकर दिनेश कार्तिक को मौका दिया था, लेकिन वह असफल रहे थे। आखिरी मैच में देखना होगा कि युवराज की वापसी होती है या नहीं। या फिर कार्तिक की जगह टीम प्रबंधन युवा ऋषभ पंत को उतारता है। पंत में तेजी से खेलने की बेहतरीन काबिलियत है। यह युवा बल्लेबाज बड़े शॉट्स लगाने में भी माहिर है।
विंडीज ने पिछले मैच में अपने प्रदर्शन से हैरान किया था। उसकी जीत की आगुआई कप्तान जेसन होल्डर ने की थी। पांच विकेट लेकर उन्होंने भारतीय बल्लेबाजों को लक्ष्य तक नहीं पहुंचने दिया था।
गेंदबाजी में उनके अलावा अल्जारी जोसेफ, एश्वेल नर्स, देवेंद्र बिशू हैं जिन्होंने पिछले मैच में अच्छा प्रदर्शन किया था। पिछले मैच में कप्तान ने मिग्युएल कमिंस को बाहर बिठाया था। चूंकि यह मैच अहम है तो कमिस की अंतिम एकादश में वापसी हो सकती है।
बल्लेबाजी विंडीज की मुख्य चिंता है। इस सीरीज की शुरुआत से ही उसका कोई भी बल्लेबाज नहीं चला है। शाई होप ने जरूर कुछ प्रभाव छोड़ा है, लेकिन उनके अलावा कोई और बल्लेबाज अभी तक विकेट पर जमने की काबिलियत को दर्शा नहीं पाया है।
विंडीज के कोच स्टुअर्ट लॉ ने पिछले मैच के बाद कहा था कि उनकी टीम में प्रतिभा है। कोच को उम्मीद होगी कि बल्लेबाजी में उनके प्रतिभावान खिलाड़ी टीम को संभालेंगे। शाई होप के अलावा रोस्टन चेस विंडीज की बल्लेबाजी की मुख्य कड़ी हैं।
टीमें (संभावित):
भारत : विराट कोहली (कप्तान), महेंद्र सिंह धौनी, शिखर धवन, ऋषभ पंत, अजिंक्य रहाणे, युवराज सिंह, केदार जाधव, हार्दिक पांड्या, रविचंद्रन अश्विन, रवींद्र जडेजा, मोहम्मद शमी, उमेश यादव, भुवनेश्वर कुमार, कुलदीप यादव और दिनेश कार्तिक।
वेस्टइंडीज : जेसन होल्डर (कप्तान), देवेंद्र बिशू, जोनाथन कार्टर, रोस्टन चेस, मिग्युएल कमिंस, शाई होप (विकेटकीपर), अल्जारी जोसेफ, एविन लुइस, जेसन मोहम्मद, एश्वेल नर्स, केरन पावेल, रोवमैन पावेल, केसरिक विलियम्स।