लॉस एंजिलिस : अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा मंगल ग्रह पर एक नया अंतरिक्ष यान भेज रहा है, जो लालग्रह की अंदरूनी संरचना का गहराई से अध्ययन कर यह पता लगाएगा कि किस प्रकार से चट्टानी ग्रह और उनके चंद्रमाओं का निर्माण होता है।

नासा ने कहा कि यह पहली बार है जब अंतरिक्ष यान को अमेरिका के पश्चिमी तट से प्रक्षेपित किया जाएगा। अमेरिका के अधिकतर इंटरप्लेनिटरी मिशन फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर (केएससी) से उड़ान भरते हैं, जो कि देश के पूर्वी तट पर स्थित है।

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पांच मई को वॉन्डेनबर्ग एयरफोर्स बेस से पहला ऐतिहासिक इंटरप्लेनिटरी लॉन्च होगा। इस 57.3 मीटर लंबे यूनाइटेड लॉन्च एलाइंस एटलस 5 रॉकेट में नासा के सीस्मिक इन्वेस्टिगेशन्स का इस्तेमाल करते हुये इंटीरियर एक्सप्लोरेशन, जियोडसी तथा हीट ट्रॉन्सपोर्ट (इनसाइट) लैंडर होंगे जो मंगल के उत्तरी गोलार्ध में स्थित एलेसियम प्लेनीशिया क्षेत्र की निगरानी करेगा।

इनसाइट लैंडर्स मंगल की अंदरूनी संरचना का अध्ययन कर यह पता लगाएगा कि किस प्रकार से पृथ्वी तथा चंद्रमा सहित चट्टानी ग्रहों का निर्माण हुआ।