नई दिल्ली : आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय ने प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) के तहत शहरी क्षेत्रों में सस्ते आवास के निर्माण से जुड़े विभिन्न राज्यों के 371 प्रस्तावों को स्वीकृत कर 2,31,532 मकानों के निर्माण को मंजूरी दे दी है।

मंत्रालय द्वारा शुक्रवार को जारी बयान के अनुसार इस योजना के तहत मंत्रालय द्वारा अब तक स्वीकृत मकानों की संख्या 93 लाख से अधिक हो गयी है। आवास एवं शहरी मामलों के सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को केन्द्रीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति की बैठक में विभिन्न राज्यों के आवास निर्माण संबंधी 371 प्रस्तावों को मंजूरी देते हुये इनके लिये 3437 करोड़ रुपये की केन्द्रीय सहायता को भी स्वीकृति प्रदान की गयी है।

बैठक में आंध्र प्रदेश, असम, बिहार, मध्य प्रदेश, नगालैंड, पुडुचेरी और उत्तर प्रदेश के 7,322 करोड़ रुपये की लागत वाले प्रस्तावों को मंजूरी दी गयी। इनमें सर्वाधिक 1.24 लाख आवास के निर्माण संबंधी प्रस्ताव आंध्र प्रदेश से हैं। जबकि उत्तर प्रदेश में 52 हजार, मध्य प्रदेश में 18 हजार और बिहार में 15 हजार आवासों के निर्माण को दी गयी मंजूरी शामिल है।

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उल्लेखनीय है कि सभी जरूरतमंद लोगों को आवास सुविधा मुहैया कराने के लिये पीएमएवाई के तहत शहरी क्षेत्रों में 2024 तक 1.12 करोड़ सस्ते आवास के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इनमें से 55 लाख घरों का निर्माणकार्य जारी है और 28 लाख का निर्माण हो चुका है।

स्वीकृत आवासों की संख्या के लिहाज से आंध्र प्रदेश और उत्तर प्रदेश में मांग के मुताबिक आवास निर्माण की परियोजनाओं को मंजूरी मिल गयी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार आंध्र प्रदेश में सभी को आवास सुविधा मुहैया कराने के लिये 13.78 लाख सस्ते आवास की अनुमानित जरूरत बतायी गयी है जबकि उत्तर प्रदेश में यह संख्या 15 लाख है।