नई दिल्ली : जेपी इन्फ्राटेक के ऋणदाताओं की 20 जून को बैठक होगी। इस बैठक में जारी दिवाला प्रक्रिया की प्रगति का आकलन किया जाएगा और भविष्य की कार्रवाई की रणनीति तय की जाएगी। जेपी इन्फ्राटेक के ऋणदाताओं में बैंक और फ्लैट खरीदार शामिल हैं।

यह बैठक ऐसे समय बुलाई गई है जबकि कुछ दिन पहले बहुलांश बैंकों ने कर्ज के बोझ से दबी रीयल्टी कंपनी के अधिग्रहण के लिए एनबीसीसी की बोली के खिलाफ मतदान किया था।

जेपी इन्फ्राटेक के अंतरिम निपटान पेशेवर अनुज जैन ने शेयर बाजारों को भेजी सूचना में कहा कि ऋणदाताओं की समिति (सीओसी) की बैठक 20 जून को होगी। हालांकि, उन्होंने बैठक के एजेंडा का खुलासा नहीं किया।

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सूत्रों ने हालांकि बताया कि बैठक मौजूदा दिवाला प्रक्रिया की स्थिति की प्रगति पर चर्चा और आगे की कार्रवाई पर विचार के लिए बुलाई गई है। सूत्रों ने कहा कि बहुलांश बैंकरों ने 10 जून को एनबीसीसी की बोली के खिलाफ मत दिया था लेकिन ज्यादातर फ्लैट खरीदार चाहते थे कि सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी जेपी इन्फ्राटेक का अधिग्रहण करे।

राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने 10 जून को स्पष्ट किया था कि उसने ऋणदाताओं को एनबीसीसी की निपटान योजना के खिलाफ मतदान से रोका नहीं था। इसके साथ ही एनसीएलएटी ने निपटान पेशेवर से कहा था कि वह मतदान के नतीजे के बारे में सीधे उसे जानकारी दी।

एनसीएलएटी ने सुनवाई की अगली तारीख को भी दो जुलाई से खिसकाकर 17 जुलाई कर दिया था।