नई दिल्ली : अडाणी समूह ने कर्ज संकट से दबी जेपी इंफ्राटेक के अधिग्रहण के लिए स्वैच्छिक रूप से गैर - बाध्यकारी बोली लगाई है। साथ ही अडाणी समूह फंसी हुई आवासीय परियोजनाओं के निर्माण में तेजी लाने के लिए 1,700 करोड़ रुपये की पूंजी डालने के लिए भी तैयार है। सूत्रों ने यह जानकारी दी है।

अडाणी समूह ने कर्मचारियों के साथ - साथ सुरक्षित और असुरक्षित वित्तीय कर्जदाताओं के दावों के निपटान के लिए 1,000 करोड़ रुपये और देने की प्रतिबद्धता जताई है। यह राशि 500-500 करोड़ रुपये की दो किस्तों में दी जाएगी। कंपनी परिंसपत्ति के साथ कर्ज की अदला - बदली के लिए बैंकरों को 1,000 एकड़ जमीन भी हस्तांतरित करेगी। समूह ने दिवाला प्रक्रिया की पहले दौर में हिस्सा लिया था लेकिन मौजूदा दौर में तय समयसीमा में बोली नहीं जमा की थी।

हालांकि , बाद में अडाणी समूह ने जेपी इंफ्राटेक के अधिग्रहण के लिए बोली लगाने की इच्छा जताई थी। जेपी इंफ्रा , जेपी समूह की प्रमुख कंपनी जयप्रकाश एसोसिएट्स की अनुषंगी कंपनी है। सूत्रों ने कहा कि अब अडाणी इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड ने जेपी इंफ्राटेक के अंतरिम समाधान पेशेवर (आईआरपी) अनुज जैन को " अवांछित " और " गैर - बाध्यकारी " समाधान योजना जमा की है। समाधान पेशेवर ने सार्वजनिक कंपनी एनबीसीसी की ओर से जमा की गई समाधान योजना पर बातचीत के लिए कर्जदाताओं की समिति (सीओसी) की बैठक बुलाई है।

ये भी पढ़ें: 360 रीयल्टर्स ने किया रिसा रीयल्टी का अधिग्रहण, 750 करोड़ रुपये की बिक्री का लक्ष्य

सूत्रों ने कहा कि सीओसी की बैठक के एजेंडे में अडाणी समूह की बोली पर विचार करना शामिल नहीं है। लेकिन कर्जदाता और घर खरीदार बैठक के दौरान प्रस्ताव पर चर्चा करने का निर्णय ले सकते हैं। अडाणी समूह ने अपनी बोली में " जेपी इंफ्रा की रीयल एस्टेट परियोजनाओं के निर्माण में तेजी लाने और घर खरीदारों को कब्जे की डिलिवरी करने के उद्देश्य 1,700 करोड़ रुपये की पेशकश की है। "

अडाणी ने अपनी पेशकश में कहा कि यदि उच्चतम न्यायालय और राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) मंजूरी देते हैं तो जयप्रकाश एसोसिएट्स द्वारा घर खरीदारों की सुरक्षा के लिए जमा किए गए 750 करोड़ रुपये की राशि का उपयोग जुर्माने / ब्याज के भुगतान में किया जा सकता है।