नई दिल्ली : वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि सरकार रियल एस्टेट सेक्टर को राहत देने पर विचार कर रही है और जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) परिषद की अगली बैठक में इन पर कुछ कदम उठाए जाएंगे, साथ ही उन्होंने बैंक को रियल्टी सेक्टर के साथ बंद पड़ी परियोजनाओं को लेकर दो हफ्तों में बैठक करने को कहा है।

उद्योग निकाय क्रेडाई द्वारा यहां आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने रियल्टी सेक्टर को सलाह दी कि वे वर्तमान कीमतों पर ही अपनी इन्वेंट्री की बिक्री कर दें, जबकि रियल्टी सेक्टर की शिकायत है कि कीमतें फिलहाल कम हैं। गोयल ने कहा कि उन्होंने बैंकों से आवास सेक्टर को कर्ज मुहैया कराने के लिए कदम उठाने को कहा है।

इस आयोजन में भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के चेयरमैन रजनीश कुमार भी मौजूद थे। वित्त मंत्री ने सरकारी बैंकों को रियल्टी सेक्टर के साथ उनकी बंद पड़ी परियोजनाओं को लेकर बैठक करने को कहा।

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गोयल ने प्रधानमंत्री को आवास क्षेत्र की समस्याओं को हल करने का श्रेय देते हुए कहा, "प्रधानमंत्री ने हमें निर्देश दिया है कि जीएसटी संरचना पर विचार करें। हमने इस पर गहन विचार-विमर्श किया है। पिछली बार हम लगभग सहमत थे, लेकिन एक अलग विचार आ जाने के कारण सहमति नहीं बन पाई है। हालांकि अलग-अलग कोण से अलग-अलग विचार आते हैं, लेकिन एक पर सहमति बनानी पड़ती है।"

जीएसटी परिषद की बैठक 20 फरवरी होनेवाली है। जीएसटी में अंडर-कंस्ट्रक्शन घरों पर 12 फीसदी जीएसटी और 6 फीसदी स्टैंप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क लगता है।

गोयल ने इससे पहले डेवलपर्स की अंब्रेला निकाय क्रेडाई के साथ बैठक में वादा किया कि जीएसटी परिषद की बैठक में अंडर-कंस्ट्रक्शन घरों पर कर में कमी की जाएगी।