बजट से एक बार फिर रीयल्टी बाजार में उछाल की उम्मीद

कांसेप्ट फोटो - Sakshi Samachar

मुंबई : रीयल्टी उद्योग क्षेत्र ने अंतरिम बजट को मकान खरीदने वालों के लिए उत्साहजनक बताया है और कहा है कि इससे पिछले दो साल से मांग में कमी और नकदी संकट का सामना कर रहे उद्योग को अनिवार्य बढ़त देने वाला बजट है।

वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने 2019-20 के अंतरिम बजट में कहा कि आयकर अधिनियम की धारा 80आईबीए के तहत मिलने वाले लाभ को एक साल के लिए और बढ़ाया गया है। उदाहरण के लिए अगले साल मार्च तक मंजूरी मिलने वाली परियोजनाओं को यह लाभ मिलेगा। इस प्रस्ताव से किफायती मकानों की आपूर्ति को बढ़ावा मिलेगा।

धारा 80-आईबीए के तहत, किफायती आवसीय परियोजना के निर्माण और उन्हें विकसित करने में लगे लोगों को मुनाफे में 100 प्रतिशत छूट दी जा रही है। यह मकानों के भीतर उपलब्ध क्षेत्र (कारपेट एरिया) समेत अन्य शर्तों के अधीन है। रीयल एस्टेट क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए गोयल ने बिना बिके मकानों के अनुमानित किराए पर कर में छूट को एक साल से बढ़ाकर दो साल करने का प्रस्ताव किया है।

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यह छूट परियोजना पूर्ण होने के वर्ष के अंतिम समय से शुरू होगी। संपत्ति सलाहकारों के अनुसार सात-आठ बड़े शहरों में छह से सात लाख आवास बिना बिके हुए पड़े हैं।

अंतरिम बजट में अचल संपत्ति को बेचने पर होने वाले 2 करोड़ रूपये तक के पूंजीगत लाभ पर करदाता आयकर अधिनियम की धारा 54 के अंतर्गत कर से छूट देने का प्रस्ताव किया है यदि वह अपनी पूंजी का इस्तेमाल दो घरों की खरीद पर करता है।

अभी तक यह छूट एक घर में निवेश पर ही उपलब्ध है। हालांकि इस लाभ को जीवन में एक बार ही प्राप्‍त किया जा सकता है। बजट में छोटे करदाताओं को राहत देने के लिए किराये पर कर कटौती के लिए टीडीएस सीमा को 1,80,000 रूपये से बढ़ाकर 2,40,000 रूपये तक करने का प्रस्‍ताव किया गया है।

नेशनल रियल एस्टेट डेवलपमेंट काउंसिल (नारेडको) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. निरंजन हीरानंदानी ने कहा कि बजट में हाउसिंग सेक्टर के लिए की गई घोषणाओं से किफायती आवास क्षेत्र को प्रोत्साहन मिलना तय है और हमें इसमें काफी उम्मीदें देख रहे हैं।'' उन्होंने कहा कि धारा 80-आईबीए का एक वर्ष तक विस्तार से 2022 तक सभी के लिए आवास के लक्ष्य' प्राप्त करने में मदद मिलेगी। क्रेडाई के अध्यक्ष गीतांबर आनंद ने कहा कि घर खरीदारों पर जीएसटी की दर कम किया जाना प्रोत्साहन देने वाला है।

आवास कंपनी सुपरटेक लि के चेयरमैन आर के अरोड़ा ने कहा, ‘कई सालों के बाद हमने ऐसा बजट देखा है, हम इसका स्वागत करते हैं। मध्यम वर्ग अब किराए की आय पर कर की चिंता किए बिनाहालीडे होम का सपना देख सकता है। हमें खुशी है कि अफार्डेबलहाउसिंग परियोजनाओं को पूरा करने की समय सीमा धारा 80 आईबीए की छूट का समय विस्तार कई परियोजनाओं के लिए बड़ी राहत है जोकिसी न किसी कारण से निर्माण कार्य पूरा होने के लिए जूझ रही हैं।'

जेएलएल इंडिया के रमेश नायर ने कहा कि पांच लाख रुपये तक की कर योग्य आय को आयकर से छूट देने का लाभ तीन करोड़ करदाताओं को मिलेगा। इससे मध्य आयवर्ग में आवासीय मांग बढ़ेगी। क्रेडाई-एमसीएचआई के नयन शाह ने कहा कि यह बजट मध्य आयवर्ग के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। यह रीयल एस्टेट उद्योग के लिए उत्साहजनक है।

हाउस ऑफ हीरानंदानी के सुरेंद्र हीरानंदानी ने कहा कि अपने कब्‍ज़े वाले दूसरे मकान के अनुमानित किराये पर लगने वाले आयकर के शुल्‍क में छूट का प्रस्‍ताव कुल मिलाकर मांग को बढ़ाएगा।

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