नई दिल्ली : वित्तमंत्री पीयूष गोयल द्वारा वर्ष 2019-20 के लिए शुक्रवार को पेश किए गए अंतरिम बजट में आयकर में रियायत की घोषणा से रियल स्टेट सेक्टर को उम्मीद है कि घरों की बिक्री बढ़ सकती है। बजट में बिना बिके हुए घरों/फ्लैटों के अनुमानित किराये पर कर-शुल्क से छूट की अवधि को परियोजना पूर्ण होने के वर्ष के अंतिम समय के एक वर्ष से बढ़ाकर दो वर्ष तक करने का प्रस्ताव किया गया है।

बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए रियल स्टेट विशेषज्ञ आर. के. अरोड़ा ने कहा, "मध्यम आय वर्ग के लिए कर में छूट का प्रस्ताव अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक कदम है, क्योंकि बहुत से लोगों के पास खर्च करने, बचत करने और निवेश करने के लिए धन होगा और लोग अब घर खरीदने का सपना देख सकते हैं।"

उन्होंने कहा, "हमें खुशी है कि अफोर्डेबल हाउसिंग परियोजनाओं को पूरा करने की समय सीमा धारा 80 के तहत बढ़ा दी गई है। यह कई परियोजनाओं के लिए बड़ी राहत है जो किसी न किसी कारण से निर्माण कार्य पूरा होने के लिए जूझ रही हैं।"

नेशनल रियल एस्टेट डेवलपमेंट काउंसिल (नारेडको) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. निरंजन हीरानंदानी ने कहा, "हाउसिंग सेक्टर के लिए की गई बजट घोषणाओं से अफोर्डेबल हाउसिंग को आयकर अधिनियम की धारा 80-आईबीए का विस्तार मिलने से इस सेक्टर को काफी प्रोत्साहन मिलेगा।"

क्रेडाई पश्चिमी यूपी के निदेशक और एबीए कोर्प उपाध्यक्ष अमित मोदी का कहना है, "धारा 80आईबीए के तहत फायदे एक और साल के लिए विस्तारित हो गए हैं, यानी 2019-20 तक अनुमोदित सभी आवास परियोजनाओं के लिए हैं, पूंजी कर लाभ के फायदे एक रिहायशी घर से बढ़ाकर दो रिहायशी घरों तक हो गए हैं, ऐसे में 2 करोड़ रुपये तक की पूंजी पर करदाता को लाभ होगा। मौजूदा घर के खरीदारों को आयकर में छूट देने के अलावा किराये की आय पर टीडीएस की सीमा 1,80,000 रुपये से बढ़ाकर 2,40,000 रुपये कर दी गई है।"

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गौर ग्रुप के प्रबंध निदेशक और क्रेडाई के निदेशक (राष्ट्रीय) मनोज गौड़ ने कहा, "आयकर में रियायत का फैसला सकारात्मक कदम है। यह एक व्यक्ति के लिए डिस्पोजेबल आय बढ़ाने की दिशा में एक उपयोगी कदम है। इसके अलावा, एक घर खरीदार जो लक्जरी सेगमेंट में घर खरीदना पसंद करता है, उसे आयकर अधिनियम की धारा 54 के तहत कैपिटल गेन के रोलओवर से लाभान्वित किया जाएगा। इस कदम से लक्जरी सेगमेंट में निवेश बढ़ेगा और इस तरह से रियल एस्टेट को सकारात्मक दिशा मिलेगा।"

एएसएफ ग्रुप के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक अनिल सर्राफ ने कहा, "अंतरिम बजट से उम्मीद है कि खरीदार घर खरीदने के लिए बाजार में फिर से निवेश करेंगे। यह देखते हुए कि अनसोल्ड इन्वेंट्री डेवलपर्स के लिए एक महत्वपूर्ण चिंता का विषय है, एक वर्ष से दो वर्ष तक के किराये पर कर लगाने के लिए छूट की अवधि बढ़ाने का कदम भी एक स्वागत योग्य कदम है। तात्कालिक राहत उपायों से 2030 हर भारतीय के सिर पर छत का सपना साकार होने की ओर अग्रसर है जो कि विकास के 10 प्रमुख आयामों में से एक है।"

स्कॉच के चेयरमैन समीर कोचर ने कहा, "बजट में किसान सम्मान निधि योजना, श्रमयोगी मान-धन योजना और मनरेगा में 5000 करोड़ से 60,000 करोड़ रुपये की वृद्धि निश्चित रूप से आगे की ओर एक कदम है जो समाज के कमजोर वर्ग की बेहतरी सुनिश्चित करेगा। किसानों की आय से भूमि मालिकों को राहत मिलेगी। इसके लिए नीतियों और अन्य सुधारों की आवश्यकता है।"