नई दिल्ली : संकट का सामना कर रहे आम्रपाली ग्रुप द्वारा बनाए गए फ्लैट में रहने वाले खरीदारों को राहत प्रदान करने के लिए उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को संकेत दिया कि वह फ्लैट मालिकों को अपने आवास को संबंधित प्राधिकारों के समक्ष पंजीकरण कराने की अनुमति दे सकता है।

न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा और न्यायमूर्ति यू यू ललित की पीठ ने खरीदारों और आम्रपाली की ओर से पेश वकीलों को कहा कि आम्रपाली के खरीदारों को मौजूदा मुकदमे के कारण और समापन प्रमाण पत्र के अभाव में नुकसान नहीं होने चाहिए । पीठ ने कहा कि हम नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को आनुपातिक राशि के भुगतान पर उनके फ्लैट को पंजीकरण करने का आदेश दे सकते हैं। जरूरत हुई तो निर्देश जारी करने के लिए संविधान के अनुच्छेद 142 का इस्तेमाल किया जा सकता है।

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पीठ ने संबंधित पक्षों को सुनवाई की अगली तारीख पर अपना-अपना कानूनी सुझाव देने को कहा है ताकि प्राधिकरणों को निर्देश जारी किये जा सकें । खरीदारों की ओर से पेश वकील एम एल लाहोटी ने कहा कि यह फ्लैट मालिकों के लिए बड़ी राहत होगी और सुनवाई की अगली तारीख को वे कानूनी सुझाव जमा कराएंगे।

पीठ मामले पर अगली सुनवाई 24 जनवरी को करेगी ।