नई दिल्ली : दिल्ली-एनसीआर और मुंबई में सितंबर तक चार लाख आवासीय इकाइयों का निर्माण कार्य तय समयसीमा से पीछे चल रहा था। यह जानकारी बुधवार को रियल स्टेट पोर्टल 99 एकड़ डॉट कॉम की एक रपट से मिली।

रपट के अनुसार, निर्माण कार्य में बिलंब होने से खासतौर से दिल्ली-एनसीआर और मुंबई महानगर क्षेत्र में निर्माणाधीन परियोजनाओं के प्रति खरीदारों का रुझान कम हुआ है, जहां चार लाख से अधिक इकाइयों में निर्माण कार्य तय समयसीमा पर पूरा नहीं हो पाया है। ये इकाइयां अनुमानित 3.6 लाख करोड़ रुपये की हैं।

पुणे में करीब 57,000 करोड़ रुपये मूल्य की 95,000 इकाइयां लंबित हैं। चेन्नई में 6,500 करोड़ रुपये की 10,000 आवासीय इकाइयां लंबित हैं। इन इकाइयों की शुरुआत 2013 से पहले हुई थी।

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रपट में कहा गया है कि हैदराबादर को छोड़कर सभी नगरों में सस्ते मकान की आपूर्ति में कमी देखी गई है, क्योंकि सरकार द्वारा प्रधानमंत्री आवासीय योजना-शहरी के तहत कम लागत के मकान की योजना का सिर्फ 15 फीसदी मकानों काम पूरा हो पाया है।

अनुमोदित 54.95 लाख मकानों में से करीब 8.55 लाख का निर्माण हो पाया है और अगस्त 2018 तक करीब 30.4 लाख इकाइयां निर्माणाधीन थीं। रपट के अनुसार, देशभर में 1.6 लाख मकान खाली थे।