आम्रपाली में फ्लैट बुक किया है, तो आपके लिए काम की खबर

डिजाइन इमेज: आम्रपाली ग्रुप के सीईओ अनिल शर्मा - Sakshi Samachar

नयी दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को संकटग्रस्त आम्रपाली समूह के 46575 फ्लैटों का निर्माण 8500 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से पूरा करने के लिए सरकारी संस्था एनबीसीसी को कोष का आश्वासन दिया।

शीर्ष अदालत ने आम्रपाली द्वारा गबन के आकलन के लिए उसके लेखे जोखे की फारेंसिक आडिट का समर्थन किया। शीर्ष अदालत ने कहा कि ऐसा लगता है कि ‘‘रियल एस्टेट कारोबार के नाम पर बड़ा घोटाला हो रहा है'' और उन्होंने इसे घर खरीददारों के साथ हुई ‘‘बड़ी गंभीर धोखाधड़ी'' करार दिया।

अदालत ने आम्रपाली समूह से आडिटरों के साथ सहयोग करने या अपने परिसरों की सीलिंग और निदेशक, उनकी पत्नियों तथा बेटियों सहित सभी के खातों के फारेंसिक आडिट का सामना करने को कहा।

नेशनल बिल्डिंग्स कंस्ट्रक्शन इंडिया लिमिटेड (एनबीसीसी) द्वारा छह से 36 महीनों में 8500 करोड़ रुपये की लागत से 46575 फ्लैटों वाली 15 आवासीय परियोजनाएं पूरा करने का प्रस्ताव देने पर न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा और न्यायमूर्ति यू यू ललित की पीठ ने कहा कि अदालत धोखाधड़ी के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों तक पहुंचने और गबन का हर रुपया वापस लाने का प्रयास करेगी।

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पीठ ने कहा, ‘‘हम आपसे (एनबीसीसी) कोई धन लगाने को नहीं कहेंगे। हम आपको परियोजना शुरू करने के लिए पूरा कोष उपलब्ध कराएंगे। विचार यह है कि काम शुरू होना चाहिए।''

पीठ ने आम्रपाली समूह से एनबीसीसी के प्रस्ताव पर जवाब देने को कहा। एनबीसीसी ने शीर्ष अदालत से कहा है कि वह करीब 8500 करोड़ रुपये की निर्माण लागत से 36 महीनों के भीतर आम्रपाली समूह के 46575 फ्लैटों वाली 15 आवासीय परियोजनाओं को पूरा कर सकती है। एनबीसीसी ने चरणबद्ध तरीके से परियोजनाओं को पूरा करने के लिए अदालत के सामने एक प्रस्ताव रखा।

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