लखनऊ : सरकार की तरफ से सस्ते मकानों पर जोर दिये जाने से रीयल एस्टेट क्षेत्र फिर से घर खरीदारों को आकर्षित करने लगा है। वित्तीय सेवाएं देने वाली कंपनी एचडीएफसी लिमिटेड ने आज एक रिपोर्ट में यह बात कही। कंपनी ने कहा कि विभिन्न मुहिमों के जरिये सरकार द्वारा किफायती आवास पर जोर देने से वह उत्साहित है।

एचडीएफसी की प्रबंध निदेशक रेणू सूद कर्नाड ने कहा कि कंपनी की सफलता का श्रेय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय तथा नेशनल हाउसिंग बैंक से मिले समर्थन को जाता है। उन्होंने कहा, ‘‘सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना शुरू कर किफायती आवास पर बेहतरीन ध्यान दिया है। देश में शहरीकरण तेज रफ्तार से बढ़ रहा है। ऐसा अनुमान है कि 2030 तक देश की आधी आबादी शहरों में रहना शुरू कर देगी जिससे आवास क्षेत्र में अधिक मांग आएगी।''

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एक ही दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कंपनी को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर श्रेणी तथा निम्न आय वर्ग के घर खरीदारों के लिए ऋण से जुड़ी सब्सिडी योजना में सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाली वित्तीय कंपनी का पुरस्कार दिया है। मध्यम आय वर्ग श्रेणी में भी वह दूसरी सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाली कंपनी रही है। केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

सरकार प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सस्ते मकानों पर अधिक ध्यान दे रही है। योजना के तहत एचडीएफसी ने 44,000 लाभार्थियों को रिण से जुड़ी सहायता योजना उपलब्ध कराने में मदद की है। रीयल इस्टेट क्षेत्र में परामर्श देने वाली कंपनी एनारॉक ने भी कहा कि कीमतों में गिरावट तथा तैयार इकाइयों पर माल एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू नहीं होने के कारण पिछले एक साल में द्वितीयक बाजारों में घरों की बिक्री 10-12 प्रतिशत तक बढ़ी है।

कंपनी ने कहा कि लोग अब निर्माणाधीन परियोजनाओं में निवेश से हिचकने लगे हैं और तैयार घरों को खरीदना पसंद कर रहे हैं। कंपनी के उपाध्यक्ष संतोष कुमार ने कहा कि नोटबंदी के बाद घरों की बिक्री कम हो गयी थी लेकिन अब यह फिर से तेजी पकड़ने लगी है।