नई दिल्ली : ऐसा जान पड़ता है कि नोटबंदी से प्रभावित मकानों की मांग अब राष्ट्रीाय राजधानी क्षेत्र में सुधर रही है। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में क्षेत्र में मकानों की बिक्री इससे पूर्व तिमाही के मुकाबले 23 प्रतिशत बढ़कर 11,150 इकाई रही।

संपत्ति के बारे में परमार्श देने वाली कंपनी एनाराक ने अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा कि दिल्ली - राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में मार्च तिमाही के दौरान मकानों की बिक्री 9,100 इकाइयां रही है। हालांकि यह पिछले वर्ष की इसी तिमाही के में 11,450 इकाई से कम है।

एनाराक में संपत्ति परामर्शदाता अनुज पुरी ने कहा, ‘‘देश के सात प्रमुख शहरों में मकानों की बिक्री जनवरी-मार्च 2018 के मुकाबले अप्रैल्-जून में 24 प्रतिशत बढ़ी। यह बताता है कि मकान खरीदार अब बाजार में आने लगगे हैं। कंपनियों अनबिके मकानों की बिक्री में तेजी लाने के लिये जी-जान से काम कर रही हैं। इसके लिये लिये छूट समेत कई आकर्षक योजनाएं ला रही हैं।''

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उन्होंने कहा कि रीयल एस्टेट कानून तथा जीएसटी जैसे नीतिगत सुधारों का सकारात्मक प्रभाव अब दिखने लगा है। ये सात शहर ... राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर), चेन्नई, बेगलुरू, पुणे , कोलकाता तथा हैदराबाद हैं।

अप्रैल - जून तिमाही में एनसीआर, एमएमआर, बेंगलुरूर तथा पुणे में 60,800 मकानों की बिक्री हुई जो कुल बिक्री का 81 प्रतिशत है।