हैदराबाद: नोटबंदी के चलते रीयल एस्टेट कारोबार अधिकतर क्षेत्रों में ठप पड़ा है। मुख्य रूप से दोनों तेलुगु राज्यों में रियल कारोबार की पहले जैसी हवा देखने को नही मिल रही है। फिर भी रियल एस्टेट कारोबारियों के संगठन क्रेडाई (सीआरईडीए) का मानना है कि नोटबंदी के निर्णय से हाउसिंग प्राइजेस में 20 प्रतिशत की वृद्धि होगी।

क्रेडाई ने यह भी बताया कि नये रेग्युलेटरी बिल और ऊंची लागत के चलते नये प्रॉजेक्टों का गति मिलेगी। इस समय बिल्डर्स, देखो और इंतजार करने के मुड में हैं। ऐसे हालत में मकानों की कीमतों में गिरावट आएगी। परिणामस्वरूप नये परियोजनों को प्राप्त करने में समय लगेगा। इसके अलावा रियल एस्टेट रेग्युलेटरी ऐक्ट के मुताबिक क्रेडाई को काम करना होगा। ऐसे समय में समस्या और जटिल होगी।

दूसरी और क्रेडाई के प्रमुख रज्जाक ने कहा कि हाउसिंग प्राइसेज में 20-30 प्रतिशत तक की कमी आने की बात बहुत दूर का सपना है। मुख्य रूप से अधिकतर बिल्डिर्स 8 से 10 प्रतिशत की मार्जिन पर काम कर रहे है। इसमें और गिरावट की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि कुछ समय से रियल एस्टेट मंदी के दौर से गुजर रहा है। मंहगाई के साथ उसकी कीमतें नहीं बढ़ी है।

रज्जाक ने बताया कि प्रॉपर्टी सेक्टर में अब कीमतें और बढ़ेगी। उल्लेखनीय है कि कुछ वर्षों से बिक्री कम होने, लागत बढ़ने, कर्ज महंगा होने व अन्य कारणों के चलते बिल्डरों ने अपनी परियोजनाओं में कमी की है। इसके चलते रियल सेक्टर को बड़ा धक्का लगा है।