नई दिल्ली : कमरे के भीतर का वातावरण स्वस्थ बनाने की आवश्यकता को समझते हुए यूरेका फोर्ब्स ने डॉ. एरोगार्ड एससीपीआर पेश किया है, जो भारत में निर्मित है और देश के सभी भागों में वायु प्रदूषण के स्तर से निपट सकता है।

कंपनी ने एक बयान में कहा कि कमरे के अंदर की वायु की गुणवत्ता सबसे महत्वपूर्ण होती है, लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया जाता है। यह वायु बाहर की वायु की तुलना में लगभग 80 गुना प्रदूषित हो सकती है।

कंपनी ने कहा कि यह वायु प्रदूषण का खतरनाक स्तर है, जिस पर ध्यान नहीं देने से स्वास्थ्य पर बुरा असर हो सकता है, खासकर जब हम अपना अधिकांश समय घर में बिताना पसंद करते हैं।

कंपनी ने एक बयान में कहा कि प्रत्येक फिल्ट्रेशन लेवल का डिजाइन आज के वातावरण में मौजूद विभिन्न प्रदूषकों को ध्यान में रखकर किया गया है, जैसे धूल, धुआं, वोलेटाइल ऑर्गेनिक कम्पाउंड्स (वीओसी), पराग, एलर्जन, पालतू पशुओं की रूसी, पार्टिक्युलेट मैटर (पीएम 2.5/10), औद्योगिक प्रदूषक, जैसे आर्सेनिक, निकेल, आदि और इन सभी को फिल्टर कर कमरे की भीतर की वायु 99.97 प्रतिशत तक शुद्ध की जाती है।

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कंपनी ने कहा कि जर्मनी की जीयूआई लैब द्वारा गुणवत्ता के उच्चतम मानकों के लिये प्रमाणित और ड्यूओट्रोन टेक्नोलॉजी के साथ पेटेन्ट एससीपीआर 660 एच में इनबिल्ट ह्यूमिडिफायर है। इसमें शक्तिशाली हेपा फिल्टर है, जो 99.97 सूक्ष्म कणों को हटा देता है, साथ ही एंटी-एलर्जन और एंटी-बैक्टीरियल फिल्टर्स वायु में कणों को पकड़ते हैं।