हैदराबाद : आंध्र प्रदेश में चंद्रबाबू नायडू की तानाशाही और अराजकता वाली सरकार से परेशान लोगों में ढांढस बंधाने और उनके साथ खड़े होने का विश्वास दिलाने के साथ-साथ जनसमस्याओं को जानने के लिए वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के सुप्रीमो व आंध्र प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष वाईएस जगन मोहन रेड्डी द्वारा 6 नवंबर 2017 को शुरू की गई प्रजा संकल्प यात्रा 9 (बुधवार) जनवरी 2019 को खत्म होने जा रही है। इस पदयात्रा के तहत जगन करीब 3,650 किलो मीटर से अधिक की दूरी तय कर चुके हैं।

जगन एक ऐसे नेता बन गए हैं, जिन्होंने न केवल आंध्र प्रदेश बल्कि पूरे हिन्दुस्तान में सबसे लंबी और बड़ी पदयात्रा की है। ऐसे पदयात्रा वाईएस जगन के लिए कोई नई बात नहीं है। इससे पहले उनके पिता व दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. वाईएस राजशेखर रेड्डी ने एकीकृत आंध्र प्रदेश में विपक्ष में रहते 9 अप्रैल 2003 को प्रजा प्रस्थानम के नाम पर करीब 1500 किलो मीटर पदयात्रा की थी।

YSR के निधन की खबर के सदमे से राज्यभर में सैकड़ों की तादाद में लोगों की मौत हुई थी। अपने पिता के निधन की खबर सुनकर मरने वालों के परिवारों को सांत्वना प्रकट करने के लिए वाईएस जगन ने ओदार्पू यात्रा अप्रैल 2010 में शुरू की थी। बाद में जगन की बहन शर्मिला ने 18 अक्टूबर 2012 को 'मरो प्रजा प्रस्थानम' के नाम से पदयात्रा शुरू की थी, जो लगभग 230 दिन तक चली और इस दौरान उन्होंने कुल 3,112 बार किलो मीटर की दूरी तय की।

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YS जगन ने आंध्र प्रदेश के लिए विशेष दर्जा हासिल करने और राज्य के लोगों की समस्याओं को जानने के लिए उनके बीच जाने का फैसला किया और इसी के तहत 6 नवंबर 2017 को प्रजा संकल्प यात्रा शुरू की थी। कड़पा जिले के इडुपुलापाया स्थित दिवंगत मुख्यमंत्री डॉ. वाईएस राजशेखर रेड्डी की समाधि से यह यात्रा शुरू हुई, जो राज्यभर के सभी 13 जिलों में गुजरते हुए कल बुधवार को श्रीकाकुलम जिले के इच्छापुरम में समाप्त होने वाली है।

YS राजशेखर रेड्डी, शर्मिला और वाईएस जगन मोहन रेड्डी द्वारा चलाई गई पदयात्राओं में उन्हें लोगों का व्यापक समर्थन मिला। यह कहना अतिश्योक्ति नहीं होगा कि दिवंगत मुख्यमंत्री वाईएसआर की पदयात्रा के मुकाबले जगन की पदयात्रा को अपार जनसमर्थन मिल रहा है। इस हिसाब से वाईएसआर परिवार ने राज्य में करीब 8,260 किलो मीटर लंबी पदयात्रा कर चुकी है।