वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष वाईएस जगन मोहन रेड्डी की प्रजा संकल्प यात्रा (पदयात्रा) का समापन श्रीकाकुलम जिले के इच्चापुरम शहर में 9 जनवरी होगा। इस दौरान वाईएस जगन एक विशाल स्तूप का अनावरण करेंगे। इसके बाद आमसभा को संबोधित करेंगे। आमसभा के बाद वाईएस जगन तिरुमति के लिए रवाना होगे। अगले दिन (10 जनवरी) पैदल मार्ग से होते हुए तिरुमला जाएंगे और भगवान बालाजी के दर्शन करेंगे।

वाईएस जगन की पदयात्रा को सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा। क्योंकि अब तक संसार के इतिहास में किसी भी नेता ने इतनी लंबी पदयात्रा नहीं की है। शायद भविष्य में भी कोई नेता कर पाएगा। इससे पहले दिवंगत मुख्यमंत्री डॉ वाईएस रे ड्डी ने 1,400 किलोमीटर और वाईएस जगन की बहन शर्मिला ने लगभग तीन हजार किलोमीटर की पदयात्रा की है।

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पदयात्रा शुरू...

वाईएस जगन ने प्रदेश के लोगों के कल्याण के लिए गत् 6 नवंबर 2017 को कड़पा जिले के इडुपुलपाया से पदयात्रा शुरू हुई थी। पदयात्रा कड़ाके की ठंड, कड़ी धूप और बारिश में भी प्रजा संकल्प यात्रा जारी रही हैं। हाल ही में वाईएस जगन की पदयात्रा 3,600 किलोमीटर पुरी हुई है। चाहे तो वे एसी रूम में बैठकर आराम कर सकते थे। मगर जिस तरह से वाईएसआर की योजनाओं के कारण लोगों के दिलों में बस गये, उसी तरह सभी वर्गों के लोगों के लिए कुछ बसना ही वाईएस जगन का संकल्प और सोच रही है।

पदयात्रा क्यों...

इस पदयात्रा की ओर देश ही नहीं, पूरे दुनिया का ध्यान आकर्षित किया। इतना ही लंबी पदयात्रा के समर्थन में देश में नहीं विदेशों में भी अनेक कार्यक्रम भी आयोजित किये गये। वाईएस जगन के हौसले बुलंद होते गये। आज हमें इतनी लंबी पदयात्रा करने वाले एक नेता की पदयात्रा का विश्लेषण करना जरूरी है। वाईएस जगन आंध्र प्रदेश में एक विपक्ष के नेता है। लोगों की समस्याओं को बारे में प्रदेश की विधानसभा में आवाज उठाई। मगर सरकार ने उनकी आवाज को दबाती चलती गई। एक तरफ लोगों की बढ़ती समस्याएं और दूसरी तरफ प्रदेश में बढ़ते भ्रष्टाचार से नाराज वाईएस जगन ने लोगों में जागरूकता ले आने के लिए पहले 'नवरत्नालु' (नवरत्न) की घोषणा की। इसके बाद प्रजा संकल्प यात्रा के लिए निकल पड़े।

इच्चापुरम में निर्मित किये जाने वाला स्तूप
इच्चापुरम में निर्मित किये जाने वाला स्तूप

नवरत्नालु ...

नवरत्नालु वाईएसआरसीपी का एक चुनावी घोषणापत्र है। वाईएस जगन ने 'नवरत्नालु' को लोगों के सामने रखा। जगन ने नवरत्नालु की सफलता के लिए लोगों से सुझाव मांगने और लोगों की समस्याओं को नजदीकी से देखने के लिए पदयात्रा निकल पड़े। इस दौरान नवरत्नालु के लिए हर वर्ग के लोगों की ओर से अनेक सुझाव मिले हैं। उन सुझावों को आने वाले चुनावी घोषणापत्र यानी नवरत्नालु के साथ जोड़ा जाएगा। आखिर वो नवरत्नालु क्या है, जो पूरे देश का ध्यान आकर्षित किया। राष्ट्रीय मीडिया के प्रतिनिधियों ने भी पदयात्रा के दौरान वाईएस जगन की इंटरव्यू ली। अनेक फिल्मी हस्तियों ने भी इस प्रजा संकल्प यात्रा में शामिल हुए और जगन के दृढ़ संकल्प की तारीफ की।

हमला
हमला

हमला...

इसी बीच विशाखा एयरपोर्ट में एक युवक ने वाईएस जगन पर चाकू से हमला किया। इस हमले में वाईएस जगन जख्मी हो गये। इस हमले को लेकर अनेक तर्क-वितर्क पेश किये गये। मगर अब तक जगन पर हमला क्यों किया गया इस बात का खुलासा नहीं हुआ है। सच्चाई पर पर्दा डालने की भरपूर कोशिश की गई है।

पुलिस ने इस घटना के बारे में बताया गया वाईएस जगन के प्रशंसक ने यह हमला किया। क्या कोई प्रशसंक अपने नेता पर जानलेवा हमला कर सकता है? कट्ठर प्रशंसक और समर्थक अपने नेता के लिए जान दे सकता है, मगर जान नहीं ले सकता है। जान लेवा हमला करने वाला प्रशंसक और समर्थक कभी नहीं हो सकता है। दूसरी ओर अब तक इस हमलावर को मीडिया के सामने पेश नहीं किया। पुलिस ने हमलावर को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की गई। मगर उसका खुलासा नहीं किया गया है। आखिर क्यों ऐसा किया जा रहा है? सरकार को इस सवाल का जवाब एक न एक दिन तो देना ही है। क्योंकि सच्चाई ज्यादा देर तक छिपने वाली नहीं है।

आखिर क्या है वाईएसआरसीपी की नवरत्नालु? आइए देखिए संक्षिप्त में-

किसानों के साथ वाईएस जगन
किसानों के साथ वाईएस जगन

1 . रैतु भरोसा- योजना के अंतर्गत किसान के परिवार को 12,500 से एक लाख तक का लाभ मिलेगा। साथ ही नि:शुल्क बोरवेल, नि:शुल्क बिजिली, बिना ब्याज का कर्ज, किसानों के ट्रैक्टर को रोड टैक्स माफी, मुख्य हैं। सरकार बनने के दूसरे साल से मई महीने में फसल खर्च के लिए किसानों को चार साल तक 12,500 रुपये दिये जाएंगे। कृषि के लिए दिन में 9 घंटे नि:शुल्क बिजली दी जाएगी। अक्वा किसानों को बिजली बिल हर युनिट 1.50 रुपये कम किया जाएगा। तीन हजार करोड़ रुपये की फसल दामों को यथावत रखने लिए एक निधि स्थापित की जाएगी। इसके अलावा चार हजार करोड़ रुपये की आपदा निधि भी स्थापित की जाएगी। हर निर्वाचन क्षेत्र में एसी गोदामों का निर्माण किया जाएगा। यदि आवश्यकता पड़ी तो खाद्य शुद्धिकरण युनिटों को भी स्थापित किया जाएगा। सत्ता में आने के पहले साल में सहकारिता क्षेत्र को पुनर्गठित किया जाएगा। दूसरे साल से सहकारिता डेरी को दूध की आपूर्ति करने वाले किसानों को हर लिटर दूध पर 4 रुपए की सब्सिडी दी जाएगी। आत्महत्या कर चुके किसानों के परिजनों को वाईएसआर बीमा योजना के तहत पांच लाख रुपये दिया जाएगा। इस रकम को कर्जदाता न ले पाये इसके लिए कानून भी बनाया जाएगा।

2. फीस पुनर्भुगतान- योजना के अंतर्गत गरीब छात्रों की पढ़ाई का खर्च सरकार वहन करेगी। इसके जरिए हर परिवार को हर साल एक से लेकर डेढ़ लाख का फायदा होगा। इसके अलावा छात्रों के निवास और भोजन के खर्च के लिए हर साल 20 हजार रुपये भी दिये जाएंगे।

3. आरोग्यश्री- योजना के अंतर्गत हर परिवार को हर साल एक लाख से लेकर दस लाख रुपये तक का लाभ मिलेगा। यदि चिकित्सा खर्चा एक हजार रुपये से अधिक होने पर उसे आरोग्यश्री श्रेणी में लाया जाएगा। कितना भी लाख खर्चा क्यों न हो उसे आरोग्यश्री द्वारा इलाज किया जाएगा। हैदराबाद, बेंगलुरू, चेन्नई के अलावा देश में कहीं पर इलाज किये जाने पर भी उसे आरोग्यश्री लागू होगी। हर प्रकार की बीमारी और ऑपरेशन आरोग्यश्री परिधि में आएंगे। ऑपरेशन होने या बीमार व्यक्ति को आराम के समय वित्तीय मदद दी भी दी जाएगी। किडनी और दीर्घकालीन बीमार व्यक्ति को हर महीने 10 हजार रुपये दिया जाएगा।

4. जलयज्ञम योजना- इस योजना के अंतर्गत लाखों किसानों के परिवार को लाभ मिलेगा। पोलवरम के साथ-साथ सभी परियोजनाओं को युद्धस्तर पर पूरा किया जाएगा। साथ ही किसानों के खेतों में सिंचाई जल से लबालब कर दिया जाएगा।

5. मद्य निषेध- शराब मानव संबंधों को चकनाचूर कर रहा है। इस शराब महामारी को तीन चरणों में प्रतिबंध मिटाया (लगाया) जाएगा। इस प्रकार लाखों परिवारों में आनंद ही आनंद से भर दिया जाएगा।

6. अम्माओडी (मां की गोद)- योजना के अंतर्गत बच्चों को स्कूल भेजने वाले हर मां को हर साल 15 हजार रुपये दिये जाएंगे।

7. वाईएसआर आसरा (वाईएसआर सहयोग)- योजना के अंतर्गत चुनाव के दिन तक जो भी बचत संघ (पोदुपु संघालु) है, उनके पूरे कर्ज को चार चरणों में सीधे महिलाओं को दिया जाएगा। इतना नहीं बिना किसी ब्याज का कर्जा भी दिया जाएगा। जो ब्याज है वो सरकार ही बैंकों को भुगतान करेगी। इसके जरिए हर परिवार को साल में 50 हजार रुपये का फायदा होगा। इसी तरह जिनकी आयु 45 साल हो चुकी हो, ऐेसे बीसी, एससी, एसटी और अल्पसंख्यक महिलाओं को पेंशन दिया जाएगा। सरकार सत्ता में आते ही दूसरे साल से चार सालों में 75 हजार रुपये चरणबद्ध तरीके से उनके सहकारिता संघों द्वारा नि:शुल्क दिया जाएगा।

8. गरीबों को मकान- योजना के अंतर्गत हर परिवार को दो से पांच लाख तक लाभ मिलेगा। जिन गरीबों को मकान नहीं है, उन सभी को पक्के मकान बनवाकर दिया जाएगा। पांच साल में 25 लाख मकान बनवाने का लक्ष्य है। जिस दिन मकान दिया जाएगा, उसी दिन उनके नाम पर पंजीकरण किया जाएगा। जरूरत पड़ी तो उस मकान पर चार आणा ब्याज पर बैंक में कर्जा भी दिलवाया जाएगा।

9. पेंशन में बढ़ोत्तरी- योजना के अंतर्गत हर परिवार को 24 हजार से 48 हजार तक का लाभ मिलेगा। इस समय पेंशन हासिल करने वालों की आयु सीमा 65 साल है, उसे 60 साल तक कम किया जाएगा। नाना-नानी और दादा-दादी को हर महीने दो हजार और दिव्यांगों को तीन हजार रुपये पेंशन दिया जाएगा।

-के. राजन्ना की कलम से...