अबतक 3,390.3 किलोमीटर पदयात्रा

05.12.2018, बुधवार

रेड्डीपेट, श्रीकाकुलम जिला

आज येच्चेर्ला निर्वाचन क्षेत्र के धवलपेट के पास आरंभ हुई पदयात्रा पोंदुरु के पास आमदालवलसा निर्वाचन क्षेत्र में प्रवेश किया। पोंदुरु का नाम लेते ही खादी कपड़ों की याद आती है। यह एक रोजगार ही नहीं है, अद्भुत कला भी है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी से लेकर अनेक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय नेताओं के लिए यहां के खादी कपड़े मुख्य आकर्षित केंद्र रहा है। पिताजी भी पोंदुरु के खादी कपड़े बहुत पसंद करते थे। अब यह खादी अपनी कला खो चुकी है। खादी श्रमिकों ने बताया कि काम के बदले ठीक प्रकार से प्रतिफल न मिलने के कारण अनेक लोग खादी रोजगार को छोड़कर पलायन कर रहे हैं। यदि सरकार का प्रोत्साहन नहीं मिला तो यह कला समाप्त हो जाने का खतरा है।

यह आमदालवलसा करममल्लेश्वरी जैसे अनेक अंतर्राष्ट्रीय महिला वेटलिफ्टरों को जन्म दिया हुआ क्षेत्र है। क्रीड़ा प्रतिभा की यहां पर कुछ भी कमी नहीं है। मगर सरकार का प्रोत्साहन नहीं मिल रहा है। यही बात आज मुझसे मिल चुके भाई अनमिश शर्मा ने बताई। इस युवक ने अक्टूबर माह में एथेंस में संचालित विश्व बॉक्सिंग प्रतिस्पर्धा में गोल्ड मेडल जीता था। उसने बताया कि सरकार का प्रोत्साहन मिला तो उसके जैसे अनेक युवक चैंपियन बन सकते हैं।

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सड़क

आज आनंदपुरम, वांड्रंगी, रापाका और अन्य क्षेत्र के स्कूल जा रहे छात्र मिले। छात्रों ने बताया कि अनेक गांवों के लिए सड़कें ही नहीं है। मैंने भी पदयात्रा के दौरान अनेक क्षेत्रों में बदहाल सड़कें देखी है। सरकार तो ग्रामीण सड़कों के निर्माण पर करोड़ों रुपये खर्च करने की बात कह रही है। मगर वो निधि का क्या हो रहा है। कहां जा रहे है? अनेक एससी, एसटी और बीसी छात्रों ने बताया कि उन्हें स्कॉलरशिप नहीं मिल रहा है। क्या हर साल बजट में बताये जाने वाले गरीब और कमजोर तबकों के छात्रों का कल्याण केवल हथेली में स्वर्ग है?!

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चेक डैम

ताडिवलसा गांव के किसानों ने बताया कि रेल्लुगड्डा के पास करोड़ों रुपये खर्च करके निर्मित चेक डैम तीन महीने में ही बह गया है। यह चेक डैम सत्तापक्ष के नेताओं का भ्रष्टाचार का यह जीता जागता उदाहरण है।

सिंचाई जल

पोंदुरु मंडल के किसानों ने बताया कि दिवंगत वाईएसआर के शासनकाल में मंजूर राशि से मड्डुवलसा फेज-2 का विस्तारीकरण काम पूरा किया गया। मगर चंद्रबाबू के सत्ता में आने के बाद बाकी बचा हुआ काम जैसा की वैसा ही रह गया। हजारों को एकड़ भूमि को सिंचाई जल नहीं मिल रहा है। यह अत्यंत खेद की बात है कि सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है। जीसिगडाम गांव के किसानों ने बताया कि मड्डुवलसा नहर को पानी नहीं आ रहा है। नीरु-चेट्टु के नाम पर करोड़ों रुपये डकार गये।

पुल

साधना समिति के सदस्यों ने बतायाकि बलसल नदी पर बना पुल येच्चर्ला और आमदालवलसा निर्वाचन क्षेत्र के लोगों के लिए काफी उपयोगी है। लगभग 80 गांवों के लिए 40 किलोमीटर की दूरी को मिटाती है। उस पुल का निर्माण के लिए बाबू ने आश्वासन दिया था। बाबू के आश्वासन की अमलवारी न होते देख पुल के निर्माण की मांग करते हुए स्थानीय लोग 650 दिनों से अनशन कर रहे हैं। लोगों ने बताया कि सरकार की उदासीन रवैया और नेताओं की स्वार्थ के कारण पुल के निर्माण नहीं हो पा रहा है।

मुख्यमंत्री से मेरा एक सवाल...

आपने मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेते ही एससी, एसटी, अल्पसंख्यक और ईबीसी छात्रों को हर महीने स्कॉलरशिप देने का आश्वासन दिया था। इस आश्वासन को पूरा नहीं किया। इसके बाद आपने अधिकारियों से कहलवाया कि तीन महीने में एक बार स्कॉलशिप दिया जाएगा। ऐसा भी नहीं हुआ। अनेक छात्रों को सालों साल बीत जाने पर भी स्कॉलरशिप नहीं मिल रहा है क्या यह सच नहीं है? आपके सत्ता में आने के बाद से स्कॉलशिल ही नहीं दिया जा रहा है कहने वाले छात्रों को आप क्या जवाब दोगे?

-वाईएस जगन