311वें दिन की पदयात्रा डायरी, 108 व 104 योजनाओं को भी अवैध संपदा की ओर मोड़ा है

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311 दिन की पदयात्रा डायरी,

03.12.2018, सोमवार

अंतकापल्ली, श्रीकाकुलम जिला

आज की पदयात्रा रेगिडी और राजाम मंडलों में जारी रही। आज अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांग दिवस है। सुबह प्रदेश के दिव्यांग कल्याण संघ के सदस्य मिले। मेरे हाथों केक काटकर खुशी बांट ली। साथ ही अपने दुख और उनके साथ हुए धोखे के बारे में बताया। संघ के अध्यक्ष आधी सिर और आधी मूछ निकालकर आया। मैंने इस प्रकार आने का कारण पूछा तो उसने बताया कि चंद्रबाबू द्वारा किये गये धोखे के विरोध में ऐसा किया है। उसने यह भी बयाया कि बाबू के दिव्यांग के दिवस पर दिये गये आश्वासन का कोई महत्व नहीं है। चुनावी घोषणापत्र में दिये गये आश्वासनों को चंद्रबाबू कभी का भूल चुका है।

उसने बताया कि हाल ही में दो पैर और दो हाथ नहीं वाले एक अभाग्य दिव्यांग साईबाबा को लेकर अमरावती में मुख्यमंत्री से मिला था। मुख्यमंत्री से मदद करने का आग्रह करते हुए एक ज्ञापन भी सौंपा। मुख्यमंत्री ने एक लाख रुपये जारी करने का भी उस पत्र पर आदेश भी दिया। नौ महीने बीत गये है। मगर एक पैसा भी नहीं मिला। इसके बाद चार बार मुख्यमंत्री से मिला। मगर कुछ भी लाभ नहीं हुआ। उसने बाबू के साथ मिले हुए फोटो भी बताया। उसने कहा कि एक मुख्यमंत्री द्वारा आश्वासन देकर भी सहायता नहीं करना अन्याय है।

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104 व 108 सेवा

हर जिले में 104 और 108 सेवा के कर्मचारी मिल रहे हैं। आज भी इस सेवा के कर्मचारी और चिकित्सक भी मिले। उन्होंनं बताया कि गरीबों को उनके मकान के पास ही चिकित्सा देने वाली 104 सेवा को दयनीय स्थिति में पहुंचा दिया गया है। 104 सेवा के लिए दी जानी वाली दवाइयां भी बहुत कम दर्जे के ले रहे हैं। मगर इन दवाओं को अधिक में दाम देकर खरीदी कर रहे हैं। इसके उपयोग के लिए आने वाले पूर्जे की खरीदी में भी भ्रष्टाचार जारी है। सरकार के इस रवैये के कारण लोगों को लाभ पहुंचने के बजाय अधिक नुकसान हो रहा है। चिकित्सकों की ये बातें सुनकर बहुत दुख हुआ। रेत, मिट्टी ही नहीं, आखिर गरीबों की दवाइयों में भी भ्रष्टाचार हो रहा है। ऐसा करना बहुत बड़ा अपराध है। यह अत्यंत निंदनीय है।

इंडिट्रेड

इंडिट्रेड कंपनी के प्रभावित कुछ लोग मिले। उन्होंने बताया कि इस कंपनी के मुख्य सूत्रधार टीडीपी के नेता हैं। टीडीपी के नेताओं की इस कंपनी ने अधिक ब्याज देने की आस बताकर लोगों से अधिक मात्रा में रकम जमा की है। इस प्रकार करोड़ों रुपये जमा होने के बाद कंपनी संचालकों ने ताला लगाकर भाग गये। नेता ही अपराधी को सरंक्षण दे रहे हैं। फिर हमारे साथ न्याय कौन करेगा? यह सब सरकार के मिली भगत के कारण ऐसा हुआ है।

प्रभावित

इस कंपनी से प्रभावित दासरी सावित्रम्मा नामक बहन आकर मुझसे मिली। उस बहन ने रोते हुए बताया कि बेटे को एमबीबीएस की पढ़ाई करवाने के लिये मां ने खेत बेच दी। खेत बेचने के बाद जो रकम मिली, उनमें से 20 लाख रुपये कंपनी में जमा किये। कंपनी के धोखे बारे में मालूम होने पर उसे दिल का दौरा पड़ा और मौत हो गई। इसी कंपनी में पैसे जमा करने वाले दो अन्य प्रभावित भी आकर मिले। उन्होंने बेटियों की शादी के लिए जमा की गई रकम को इस कंपनी में डिपाजिट किया। कंपनी को ताला लगने की बात सुनकर दिल का दौरा पड़ा और उनकी भी मौत हो गई।

पिटाई

यह सब सुनकर बहुत दुख हुआ। एक और एग्रीगोल्ड, केशव रेड्डी शिक्षण संस्था, इंडिट्रेड तक सभी की सीबीआई से जांच जारी है। मगर किसी को न्याय नहीं मिल रहा है। न दोषियों को सजा हो रही है। सरकार ही अपराधियों को संरक्षण दे रही है। साथ ही इनकी संपत्ति को हड़पने की कोशिश की जा रही है। जो भी व्यक्ति की न्याय की मांग कर रहा है उसकी पिटाई की जा रही है।

मुख्यमंत्री से मेरा एक सवाल...

पिछले चार सालों में दिव्यांग दिवस पर आपने दिये गये आश्वासनों में क्या एक को भी पूरा किया है? अब चुनाव नजदीक आते देख दिव्यांगों को कुछ कराने का हंगामा खड़ा करना क्या उनके साथ एक बार फिर धोखा देना नहीं है? आपके घोषणापत्र में केजी टु पीजी तक निशुल्क शिक्षा का आश्वासन दिया गया। इस प्रकार में दस आश्वासन दिये गये हैं। क्या आपको इन आश्वासनों के बारे में मालूम है?

-वाईएस जगन

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