हैदराबाद : भाजपा ने 17 सितंबर को आधिकारिक रूप से हैदराबाद मुक्ति दिवस मनाने का अपना अभियान तेज कर दिया है। निजाम के शासन वाले हैदराबाद राज्य का विलय 17 सितंबर 1948 को भारतीय संघ में हुआ था और भाजपा इस दिन को मुक्ति दिवस के रूप में मनाने की मांग कर रही है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और मुख्य अतिथि के लक्ष्मण ने कहा कि पार्टी अपनी मांग मनवाने के लिए राज्य की टीआरएस सरकार पर दबाव बनाने के लिए कार्ययोजना तैयार कर रही है। भाजपा नेता ने कहा कि मुख्यमंत्री के.चंद्रशेखर राव ने अलग राज्य के लिए होने वाले प्रदर्शन के दौरान आधिकारिक रूप से मुक्ति दिवस मनाने की मांग की थी। वह जानना चाहते हैं कि राव इसमें दिलचस्पी क्यों नहीं ले रहे हैं।

लक्ष्मण ने कहा, ‘‘राव अपनी बात से पीछे क्यों हट रहे हैं...क्यों वह मजलिस (एआईएमआईएम) से इतना भयभीत हो रहे हैं।'' भाजपा आधिकारिक रूप से मुक्ति दिवस मनाने की मांग को लेकर कई साल से अभियान चला रही है। उसने चंद्रशेखर राव सरकार पर वोट बैंक की राजनीति और एआईएमआईएम के प्रभाव में मांग स्वीकार नहीं करने के आरोप अक्सर लगाए हैं जो सत्तारूढ़ तेलंगाना राष्ट्र समिति(टीआरएस) की सहयोगी हैं।

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लक्ष्मण ने इस मुद्दे को तेलंगाना के आत्म सम्मान से जोड़ते हुए कहा कि गृहमंत्री अमित शाह जिनकी जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद-370 को निरस्त किए जाने की वजह से एक और लौह पुरष के तौर पर सराहना की जा रही है इस साल पार्टी की ओर से आयोजित जनसभा में शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी राज्य की सत्ता में आई तो इस दिन को आधिकारिक रूप से मनाया जाएगा।