नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी के नए मुखिया को चुनने के लिए तैयारियां तेज कर दी गईं हैं। पार्टी ने इसके लिए पूर्व केंद्रीय मंत्री राधा मोहन सिंह को राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी और विजय सोनकर, हंसराज अहीर, सीटी रवि को राष्ट्रीय सह चुनाव अधिकरी नियुक्त करते हुए आगे के संकेत दे दिए हैं।

ऐसे होगी शुरुआत

अमित शाह के बाद बीजेपी का अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनने के पहले राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी बीजेपी के सभी स्तरों के सांगठनिक चुनाव कराना होगा। उसके बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव हो पाएगा। राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी पहले राज्य स्तर पर अपनी टीम का गठन करेंगे। राज्यों के संगठन चुनाव कराए जाएंगे। कम से 50 फीसदी राज्यों के संगठन चुनाव सम्पन्न होने के बाद बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव कराए जा सकते हैं।

राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए पात्रता
भाजपा के संविधान में धारा 19 के तहत राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की व्यवस्था है। इसके अनुसार चुनाव एक निर्वाचक मंडल की ओर से होता है, जिसमें राष्ट्रीय परिषद और प्रदेश परिषदों के सदस्य होते हैं। सारी चुनावी प्रक्रिया राष्ट्रीय कार्यकारिणी से निर्धारित नियमों के अनुसार होती है।

  1. भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष वही होगा, जो कम से कम चार अवधियों तक सक्रिय सदस्य रहने के साथ न्यूनतम 15 वर्ष तक पार्टी का प्राथमिक सदस्य रहा हो।
  2. निर्वाचक मंडल में से कुल 20 सदस्य राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के चुनाव की योग्यता रखने वाले व्यक्ति के नाम का प्रस्ताव रखेंगे।
  3. यह संयुक्त प्रस्ताव कम से कम उन पांच प्रदेशों से भी आना जरूरी होता है, जहां राष्ट्रीय परिषद के चुनाव संपन्न हो चुके हों।

आपको बता दें कि 2016 में हुए संगठन के चुनाव में अमित शाह तीन साल के लिए अध्यक्ष बने थे, बाद में लोकसभा चुनाव के कारण उन्हें एक साल का विस्तार मिला था। अब अमित शाह को नरेंद्र मोदी सरकार में गृहमंत्री बना दिया गया है। पार्टी के नियम के मुताबिक एक व्यक्ति दो पद पर नहीं रह सकता है। ऐसे में जेपी नड्डा को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है और जल्द ही नया अध्यक्ष बनाया जाएगा।