लखनऊ : लोकसभा 2019 के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को चुनौती देने के लिए और उत्तर प्रदेश में भाजपा की 73 सीटें जीतने के सपने को तोड़ने के लिए विपक्ष का महागठबंधन बनना लगभग तय माना जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा जोरों पर है कि गठबंधन में समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी तथा कांग्रेस के साथ-साथ राष्ट्रीय लोकदल को भी शामिल किए जाने की तैयारी है। मामला बस सीटों के बंटवारे को लेकर अटका है..।

भाजपा के खिलाफ विपक्ष का महागठबंधन बनना या न बनना उत्तर प्रदेश के राजनीतिक हालात पर निर्भर करेगा। अगर यहां पर सीटों के बंटवारे में कोई बड़ा अड़ंगा नहीं आया तो माना जा रहा है कि विपक्ष एक साथ मिलकर 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को नाकों चने चबाने को मजबूर कर सकता है।

भाजपा को उत्तर प्रदेश की हर सीट पर हराने को विपक्ष एकजुट होने की तैयारी में लगा है। उत्तर प्रदेश में कांग्रेस, सपा, बसपा व आरएलडी के एक साथ मिलकर चुनाव लड़ने पर लगभग सहमति भी बना चुकी है।

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हालांकि अंदरखाने में चर्चा के अनुसार इन सीटों पर अलग-अलग तरह की दलीलें देकर दल अपनी-अपनी दावेदारी जता रहे हैं। आजकल यह लिस्ट भी सोशल मीडिया में खूब वायरल हो रही है।

बहुजन समाज पार्टी

1- बिजनौर , 2- संतकबीर नगर 3 -नोएडा, 4-अमरोहा, 5-खीरी, 6-सीतापुर, 8-मोहनलालगंज, 9-डुमरियागंज, 10-सलेमपुर, 11- आगरा, 12-घोसी, 13 -लालगंज (आज़मगढ़) 14-मछलीशहर 15-गाजीपुर, 16-रॉबर्ट्सगंज, 17-फतेहपुर, 18-हमीरपुर 19- जालौन, 20- गाज़ियाबाद 21- हाथरस, 22-अलीगढ़, 23 -मेरठ, 24-मुज़फ्फरनगर 25-फैज़ाबाद 26-बांदा 27- अम्बेडकर नगर 28-बुलन्द शहर 29- पीलीभीत 30 - शाहजहांपुर।

समाजवादी पार्टी

1 -रामपुर 2-सम्भल 3-आंवला 4-भदोही 5-मिश्रिख 6-हरदोई 7-कैसरगंज 8-बहराइच 9-गोंडा 10-बांसगांव 11-गोरखपुर , 12- महराजगंज 13-बलिया , 14-आज़मगढ़ 15-जौनपुर , 16-चंदौली 17-मिर्ज़ापुर- 18 श्रावस्ती , 19- इटावा 20- कन्नौज 21-मैनपुरी 22- एटा 23 -फिरोजाबाद 24 - बदायूं,25-कौशाम्बी 26-देवरिया 27 -झांसी 28 -नगीना 29 -फूलपुर 30-बस्ती।

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कांग्रेस

1 -मुरादाबाद 2-बरेली 3-उन्नाव 4-प्रतापगढ़ 5-अमेठी 6-रायबरेली 7-कानपुर 8-फतेहपुर सीकरी 9-वाराणसी 10-इलाहाबाद 11-धौरहरा 12-फर्रुखाबाद 13-लखनऊ 14-सुल्तानपुर 15-बाराबंकी 16-कुशी नगर 17 -सहारनपुर।

राष्ट्रीय लोक दल

1- बागपत 2 -मथुरा 3-कैराना।

हालांकि अभी तक इन दलों में 80 सीटों के बंटवारे पर अंतिम फैसला होना बाकी है। पर अगर किसी तरह का पेंच फंसा तो सपा व कांग्रेस अपनी सीटों की दावेदारी कम भी कर सकती हैं। जिसको लेकर माना जा रहा है कि महागठबंधन बनने पर कांग्रेस को आठ और सपा 30 सीटों पर भी चुनाव लड़ने के लिए राजी हो सकती है। मायावती की बहुजन समाज पार्टी सर्वाधिक 40 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतार सकती है ।

बता दें कि समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव कई मौकों पर यह संकेत दे चुके हैं कि भाजपा को हराने के लिए अगर अपना कुछ नुकसान भी हो तो सहन करने के लिए तैयार रहें। अगर जरूरत पड़ी तो अपने से अधिक सीटें बहुजन समाज पार्टी को दे सकते हैं।