नई दिल्ली : लोकसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, राजनीतिक पार्टियां पूरे जोरो-खरोश के साथ मैदान में उतरने को तैयार हैं। 2019 लोकसभा चुनाव काफी दिलचस्प होता नजर आ रहा है। जिस तरह विपक्ष मोदी सरकार के खिलाफ एकजुट है, ऐसे में भाजपा की मुश्किल जरूर बढ़ सकती है। हालांकि पीएम नरेंद्र मोदी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने विपक्ष का 'तोड़' निकाल लिया है।

सूत्रों के मुताबिक, पिछले चुनाव के मुकाबले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बार ज्यादा रैली और सभाओं को संबोधित करेंगे। इनके अलावा केंद्रीय मंत्रियों के कंधे पर भी जनता के बीच सरकार की उपलब्धियां बताने की जिम्मेदारी होगी। भाजपा अध्यक्ष विपक्ष के चक्रव्यूह को भेदने के लिए सभी मोहरे बिछा चुके हैं।

पीएम मोदी 50 रैली करेंगे संबोधित

पीएम मोदी 2019 के फरवरी तक देश के अलग-अलग हिस्सों मे 50 रैलियों को संबोधित करेंगे। इसके जरिये वह 100 से अधिक लोकसभा क्षेत्रों को कवर करेंगे।

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अमित शाह और केंद्रीय मंत्रियों पर होगी जिम्मेदारी

सूत्रों ने बताया कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और राजनाथ सिंह एवं नितिन गडकरी जैसे तमाम नेता 50-50 रैलियों को संबोधित करेंगे। सूत्रों ने बताया कि देश में पार्टी के अभियान के लिए आधार तैयार करने के लक्ष्य के साथ इन रैलियों की योजना बनायी गयी।

एक तीर से कई शिकार की तैयारी

सूत्रों के अनुसार, हर रैली की रुपरेखा इस प्रकार तैयार की जा रही है कि उसका प्रभाव दो-तीन लोकसभा क्षेत्रों पर पड़े। साथ ही लोकसभा चुनाव की घोषणा से पहले भाजपा देश के कोने-कोने में अपना संदेश फैलाना चाहती है। इस क्रम में 200 रैलियों के जरिये कम से कम 400 लोकसभा क्षेत्रों तक भाजपा अपनी पहुंच बनाएगी। इसके अलावा इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव को भी भाजपा सेमीफाइनल की तरह देख रही है। इन राज्यों में मध्य प्रदेश, राजस्थान काफी अहम माने जा रहे हैं।