भोपाल: कांग्रेस ने कहा कि चुनाव आयोग को लोकतंत्र के साथ ‘प्रयोग करना' बंद करना चाहिये और चुनाव में मतपत्र प्रणाली वापस लाना चाहिये।

कांग्रेस के महासचिव एवं पार्टी में मध्यप्रदेश मामलों के प्रभारी मोहन प्रकाश ने आज यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘भिण्ड में हुये ईवीएम मशीन के डेमो के दौरान उससे केवल कमल के चिन्ह वाली पर्ची निकल रही थी, यह आंखे खोलने वाली घटना है। इसलिये चुनाव आयोग को अब लोकतंत्र के साथ प्रयोग करना बंद कर मतपत्रों के जरिये चुनाव कराने की वैकल्पिक प्रणाली को पुन: अपनाने की दिशा में कदम बढाना चाहिये।'' प्रकाश ने कहा कि चुनाव आयोग ने उच्चतम न्यायालय में कहा है कि ईवीएम मशीनों को चरणबद्ध तरीके से वोटर वेरीफेबल पेपर ऑडिट ट्रायल (वीवीपीएटी) उपकरण से युक्त किया जायेगा।

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उन्होंने कहा, ‘‘यह काफी धीमी गति से होगा। हालांकि भिण्ड में ईवीएम के ‘डेमो' की घटना के बाद मतदाता के मन में शंका पैदा हो गयी है जबकि मतपत्र प्रणाली सालों से उपयोग होकर पूरी तरह से परीक्षण हो चुका है।'' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मध्यप्रदेश सरकार ने कुछ विशेष अधिकारियों को चुनाव ड्यूटी पर नियुक्त किया है। उन्होंने सवाल कहा, ‘‘क्यों सरकार कुछ विशेष अधिकारियों को हर उपचुनाव में नियुक्त करती है। सरकार द्वारा छोटे अधिकारियों को धमकाया जा रहा है। यहां तक की चुनाव आयोग के निर्देश पर कुछ अधिकारियों का स्थानांतरण हो चुका है लेकिन वह अब भी भिण्ड में काम कर रहे हैं।'' उन्होंने कहा कि कांग्रेस ईवीएम का मुद्दा जनता के बीच लेकर जायेगी।

कुछ खबरों के अनुसार अटेर विधानसभा में उपचुनाव से पहले भिण्ड जिले में ईवीएम मशीन की ट्रायल के दौरान वीवीपीएटी उपकरण से किसी भी बटन को दबाने पर केवल कमल चुनाव चिन्ह की पर्ची निकल रही थी। हालांकि, ट्रायल के दौरान मौजूद मध्यप्रदेश के मुख्य चुनाव अधिकारी ने वीवीपीएटी उपकरण से केवल कमल चुनाव चिन्ह की पर्ची निकलने से इंकार किया था।